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फिर जेल से बाहर आएगा रेप-मर्डर का दोषी गुरमीत राम रहीम, 40 दिन की पैरोल मंजूर—सियासी गलियारों में फिर मचा बवाल



नई दिल्ली।
रेप और मर्डर जैसे संगीन मामलों में उम्रकैद की सजा काट रहा डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम एक बार फिर जेल से बाहर आने जा रहा है। हरियाणा सरकार ने उसे 40 दिनों की पैरोल मंजूर कर दी है। राम रहीम फिलहाल रोहतक की सुनारिया जिला जेल में बंद है। पैरोल अवधि के दौरान वह हरियाणा के सिरसा स्थित डेरा सच्चा सौदा आश्रम में ही रहेगा।

सूत्रों के अनुसार, पैरोल को बुधवार शाम मंजूरी दी गई, जिसके बाद जेल प्रशासन ने रिहाई की औपचारिक प्रक्रिया शुरू कर दी है। प्रशासन की ओर से स्पष्ट किया गया है कि पैरोल के दौरान राम रहीम को सख्त शर्तों का पालन करना होगा और उसकी गतिविधियों पर कड़ी निगरानी रखी जाएगी।



डेरा परिसर से बाहर जाने की इजाजत नहीं

पैरोल की शर्तों के मुताबिक, गुरमीत राम रहीम सिरसा डेरा परिसर से बाहर किसी भी सार्वजनिक, धार्मिक या सामाजिक कार्यक्रम में हिस्सा नहीं ले सकेगा। वह किसी प्रकार की सभा, प्रवचन या समर्थकों से सार्वजनिक मुलाकात भी नहीं कर पाएगा। स्थानीय प्रशासन और पुलिस लगातार उसकी गतिविधियों पर नजर रखेंगे।



2017 से जेल में बंद है राम रहीम

गौरतलब है कि साल 2017 में सीबीआई कोर्ट ने गुरमीत राम रहीम को दो साध्वियों के साथ दुष्कर्म के मामले में दोषी ठहराते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई थी। इसके अलावा पत्रकार रामचंद्र छत्रपति हत्याकांड में भी वह दोषी करार दिया जा चुका है। इन मामलों के बाद से राम रहीम लगातार जेल में बंद है।



पहले भी कई बार मिली है पैरोल और फरलो

यह पहला मौका नहीं है जब राम रहीम को जेल से बाहर आने की अनुमति मिली हो। इससे पहले भी उसे कई बार पैरोल और फरलो दी जा चुकी है। खासतौर पर चुनावी माहौल के दौरान मिली पैरोल को लेकर विपक्षी दलों और सामाजिक संगठनों ने सवाल खड़े किए थे। हर बार प्रशासन की मंशा और समय को लेकर राजनीतिक विवाद भी देखने को मिला है।


एक बार फिर उठे सवाल

40 दिन की ताजा पैरोल के बाद एक बार फिर यह सवाल उठने लगे हैं कि गंभीर अपराधों में दोषी व्यक्ति को बार-बार राहत क्यों दी जा रही है। विपक्ष का आरोप है कि सरकारें डेरा समर्थकों को ध्यान में रखकर फैसले लेती हैं, जबकि सरकार की ओर से हर बार इसे कानूनी प्रक्रिया और नियमों के तहत लिया गया निर्णय बताया जाता है।


नजरें प्रशासन पर

अब सभी की नजरें प्रशासन पर टिकी हैं कि पैरोल अवधि के दौरान नियमों का कितना सख्ती से पालन कराया जाता है। साथ ही यह भी देखा जाएगा कि इस बार पैरोल को लेकर सियासी और सामाजिक प्रतिक्रिया कितनी तेज होती है।

फिलहाल इतना तय है कि 40 दिनों तक गुरमीत राम रहीम एक बार फिर जेल से बाहर रहेगा, और उसका हर कदम प्रशासन की निगरानी में होगा।

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