
✍️ वरिष्ठ पत्रकार ओमप्रकाश बोराणा
सुपौल (बिहार)।
बिहार के सुपौल जिले से एक अनोखी और चर्चा में रहने वाली शादी सामने आई है, जहां इंस्टाग्राम के जरिए एक-दूसरे से जुड़ीं दो युवतियों ने सामाजिक परंपराओं को चुनौती देते हुए मंदिर में विवाह कर लिया। 21 वर्षीय पूजा और 18 वर्षीय काजल ने मंगलवार को सादे तरीके से शादी की, जिसमें उन्होंने पारंपरिक अग्निकुंड की जगह गैस चूल्हे की आग को साक्षी मानकर सात फेरे लिए।
इंस्टाग्राम से शुरू हुई कहानी
पूजा और काजल की मुलाकात कुछ समय पहले इंस्टाग्राम पर हुई थी। बातचीत बढ़ी, दोस्ती गहरी हुई और धीरे-धीरे यह रिश्ता प्रेम में बदल गया। दोनों का कहना है कि उन्हें लड़कों में कोई रुचि नहीं है और वे एक-दूसरे के साथ ही जीवन बिताना चाहती हैं।
मंदिर में रचाई शादी
मंगलवार को दोनों युवतियां एक स्थानीय मंदिर पहुंचीं, जहां सीमित लोगों की मौजूदगी में उन्होंने विवाह की रस्में पूरी कीं। संसाधनों के अभाव में अग्निकुंड की जगह गैस चूल्हे की लौ के चारों ओर सात फेरे लिए गए, जो अब चर्चा का विषय बन गया है।
परिवार ने नहीं दिया साथ
पूजा और काजल ने बताया कि उनके परिवार इस रिश्ते के खिलाफ थे। विरोध और दबाव के चलते दोनों ने अपनी शादी की तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर साझा कर दिए, ताकि वे अपनी बात समाज के सामने रख सकें।
युवतियों का कहना है,
> “हम बालिग हैं और अपनी मर्जी से जीवन साथी चुनने का अधिकार रखते हैं। हमें किसी से डर नहीं है।”
सोशल मीडिया पर वायरल
शादी की तस्वीरें और वीडियो सामने आते ही मामला सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया। लोग इसे लेकर दो धड़ों में बंट गए हैं—कुछ इसे निजी स्वतंत्रता और प्रेम की जीत बता रहे हैं, तो कुछ इसे सामाजिक परंपराओं के खिलाफ करार दे रहे हैं।
कानूनी और सामाजिक बहस
यह मामला एक बार फिर समान लिंग प्रेम, व्यक्तिगत स्वतंत्रता और सामाजिक स्वीकृति जैसे मुद्दों को चर्चा के केंद्र में ले आया है। हालांकि, कानूनन स्थिति और प्रशासनिक प्रतिक्रिया को लेकर अभी कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।
फिलहाल पूजा और काजल अपनी नई जिंदगी की शुरुआत को लेकर अडिग हैं और कहती हैं कि वे हर हाल में साथ रहेंगी—चाहे समाज माने या नहीं।



