सोजत। 2 बच्चो के नन्हे कदम इबादत की राह पर : 6 साल के आलम शाह और 7 साल के रूजान ने रखा पहला रोजा।

अकरम खान की रिपोर्ट।
सोजत। माहे रमजान की रौनक के बीच शहर में दो नन्हे बच्चों के पहले रोजे को लेकर दोनो बच्चों के परिवारों में खुशी और उल्लास का माहौल देखने को मिला। घर-परिवार और मोहल्ले के लोगों ने बच्चों को दुआओं से नवाजा और उनका उत्साह बढ़ाया।
6 साल के आलम शाह ने रखा पहला रोजा…
स्थानीय मालियों की हवेली के पीछे रहने वाले अफसाना बानो व अनवर शाह के लाडले बेटे आलम शाह ने महज 6 साल की उम्र में अपना पहला रोजा रखा। आलम शाह के रोजा रखने पर पूरे परिवार में खुशी का माहौल रहा।

मरहूम कालु शाह के पोते आलम शाह ने दिनभर इबादत में समय बिताया। इफ्तार के वक्त दादी मुमताज बानो ने पोते को फूलों का हार पहनाकर खुशी जाहिर की।

इस मौके पर बड़े दादा-दादी रईसा व सिकंदर शाह, छोटे दादा-दादी रोशन बानो व साबिर शाह, दादा यासीन शाह, दादी हजन भीकी बानो सहित चाचा इंसाफ शाह, अकरम शाह, समीर शाह, सोहेल शाह, रिजवान शाह, अल्ताफ शाह, अरमान शाह, गबरू शाह, शेरू शाह, आरिफ शाह और परिवार की अमीना बानो सहित नन्हे बच्चे नायरा, हसनेन, आरजू, इसान और जिया ने खुशी का इजहार करते हुए दुआएं दीं।
आलम शाह ने अपने दादा मरहूम कालु शाह के इसाले सवाब के लिए भी खास दुआएं मांगी।
7 वर्ष के रूजान ने भी रखा पहला रोजा..
वहीं मोहल्ला सिलावटान निवासी शेरू भाई व समरीना के सात वर्षीय पुत्र रूजान ने भी माहे रमजान में अपना पहला रोजा रखा।

परिवार के अन्य लोगों को रोजा रखते देख रूजान ने भी रोजा रखने की इच्छा जताई। वह अल सुबह दादी रुखसाना बानो के साथ उठा, सहरी की और अपना रोजा रखा।
रूजान ने भी दिनभर इबादत में समय बिताया। इफ्तार के वक्त दादी रुखसाना बानो व दादा मोहम्मद इदरीश ने उसे फूलों का हार पहनाकर खुशियां मनाईं और मोहल्ले में मिठाइयां बांटी। रूजान ने परिवार के साथ बैठकर इफ्तार किया।
रमजान के पाक महीने में नन्हे बच्चों के रोजे रखने से दोनो बच्चो के परिवारों और रिश्तेदारो ने उन्हें अपनी दुवाओ से नवाजा।



