
अकरम खान की रिपोर्ट।
सोजत। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने जिनके हाथों से अपना उपवास तोड़ा एवं चरण छुए वो गोविंददेव गिरी जी महाराज 12 से 18 जनवरी तक सोजत में करेंगे भागवत कथा।
सोजत मे 26 जनवरी धर्मधरा सोजत में पुरणेश्वर धाम में अंतराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त कथा वाचक स्वामी गोविन्द गिरी जी महाराज द्वारा 12 जनवरी से 18 जनवरी तक श्री मद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ के तहत अपनी मधुर वाणी से सरस सलिला प्रवाहित की जाऐगी ।

चेतन व्यास के अनुसार स्वामी गोविंद देव गिरी जी ने श्रीराम मंदिर में श्री राम जी की प्रतिष्ठा के दौरान प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को श्रीराम जी के चरणों का चरणामृत पिलाकर उनका उपवास तुड़वाया था मोदी ने इनके चरण छुकर आशीर्वाद भी लिया प्रख्यात कथा व्यास का जन्म 25 जनवरी 1949 को महाराष्ट्र के अहिल्यानगर जिले के बेलापुर गांव में एक धार्मिक ब्राह्मण परिवार में किशोर मदनगोपाल व्यास के रूप में हुआ था । उन्हें अपने परिवार की धार्मिकता और आध्यात्मिकता की लंबी परंपरा विरासत में मिली।
इन्होंने अपनी प्राथमिक शिक्षा अपने पैतृक गाँव बेलापुर में पूरी की। इसके बाद वे स्वाध्याय परिवार के पांडुरंग शास्त्री अठावले द्वारा स्थापित तत्वज्ञान विद्यापीठ में शामिल हुए और उनके मार्गदर्शन में दर्शनशास्त्र में स्नातकोत्तर की उपाधि प्राप्त की।
स्वामीजी फिर वेदों, उपनिषदों और प्राचीन भारत के अन्य धार्मिक ग्रंथों के गहन अध्ययन के लिए वाराणसी गए और वैदिक विद्वान वेदमूर्ति आचार्य श्री किशोर व्यास के मार्गदर्शन में ‘दर्शनचार्य’ की उपाधि प्राप्त की।
तमिलनाडु के कांची कामकोटी पीठ के प्रमुख शंकराचार्य जयेंद्र सरस्वती के आशीर्वाद से, गिरि को 30 अप्रैल 2006 को पवित्र शहर हरिद्वार में गंगा नदी के तट पर परमहंस संन्यास की दीक्षा दी गई। संन्यास दीक्षा लेने से पहले, स्वामीजी आचार्य किशोर व्यास के नाम से जाने जाते थे। दीक्षा के बाद, उन्हें औपचारिक रूप से स्वामी गोविंददेव गिरि महाराज के नाम से जाना जाता है।
स्वामी गोविंद देव गिरीजी महाराज श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष हैं. उन्होंने रामलला की प्राण प्रतिष्ठा के दिन पीएम मोदी को जल पिलाकर उनका उपवास खुलवाया था.
अयोध्या राम मंदिर में सोमवार 22 जनवरी को रामलला विराजमान हुए.थे तब उस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विधि-पूर्वक अनुष्ठान की सारी रस्में पूरी कीं थी।
स्वामी गोविंददेव गिरि महाराज ने भारत के साथ-साथ अमेरिका, संयुक्त अरब अमीरात (UAE), ओमान, और ऑस्ट्रेलिया जैसे देशों में गीता और अन्य धार्मिक ग्रंथों पर कथाएँ और प्रवचन दिए हैं, जहाँ गीता परिवार के माध्यम से भक्त वेद और शास्त्रों का अध्ययन करते हैं।
स्वामी गोविंददेव गिरि महाराज भगवद गीता, रामायण, महाभारत, शिव महापुराण आदि पर पिछले 60 वर्षों से भारत और विदेशों में प्रवचन दे रहे हैं।
विदेशों में स्थानः उनके मार्गदर्शन में अमेरिका, यूएई, ओमान और ऑस्ट्रेलिया सहित 10 से ज़्यादा देशों में गीता का अध्ययन और पाठ होता है।
इन्होंने वेदों के ज्ञान को फैलाने के लिए भारत में कई वैदिक विद्यालय भी स्थापित किए हैं।



