सोजत: पेंशनरों की समस्याओं पर मंथन, पेन्शनरो के हितो,अधिकारो,सुरक्षा और सुधारो पर हुई चर्चा।

अकरम खान की रिपोर्ट।
सोजत। पेंशनर समाज भवन में पेंशनरों की विभिन्न समस्याओं को लेकर अध्यक्ष लालचंद मोयल की अगुवाई में एक आवश्यक बैठक आयोजित की गई। बैठक में पेंशनरों के हित, अधिकारों की सुरक्षा एवं सुविधाओं में सुधार को लेकर विस्तार से चर्चा की गई।
अध्यक्ष लालचंद मोयल ने कहा कि पेंशनर समाज के वे स्तंभ हैं जिन्होंने अपने जीवनभर की सेवाओं से समाज की मजबूत नींव रखी है और आज भी अपने अनुभवों से समाज का मार्गदर्शन कर रहे हैं। ऐसे में सरकारों को चाहिए कि वे पेंशनरों के सम्मानजनक जीवन यापन के लिए गंभीरता से कदम उठाएं। उन्होंने भीषण गर्मी को देखते हुए “एक प्याला – परिंदों का निवाला” अभियान चलाने का आह्वान करते हुए मूक पशु-पक्षियों के लिए दाना-पानी की व्यवस्था करने की अपील की।

सत्तु सिंह भाटी ने पेंशनरों के मूलभूत अधिकारों की रक्षा पर जोर देते हुए कहा कि लगातार उनके हितों की अनदेखी से पेंशनर समाज आहत है। उन्होंने कहा कि पेंशनरों के परिवार के भरण-पोषण के लिए सरल और सुविधाजनक कार्यप्रणाली आवश्यक है।
चेतन व्यास ने पुरानी पेंशन योजना लागू करने, भौतिक सत्यापन प्रक्रिया को सरल बनाने, आठवें वेतन आयोग की घोषणा, डीए भुगतान का लाभ देने तथा समय-समय पर पेंशनरों के लिए शिविर आयोजित करने की मांग रखी।
शंकरलाल पारीक ने कहा कि पेंशनर समाज की रीढ़ हैं, और यदि यही कमजोर हो गई तो समाज की बुनियाद भी कमजोर पड़ जाएगी। वहीं अशोक सैन ने तकनीकी युग के बावजूद भौतिक सत्यापन में आने वाली परेशानियों को प्रमुख समस्या बताते हुए कहा कि इसके कारण पेंशन में देरी होती है, जिससे पेंशनरों को आर्थिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।
बैठक में भाणाराम, जुगल किशोर दवे, महेंद्र माथुर, रामस्वरूप भटनागर, नरपत सिंह, ईश्वर दास पुरुषवाणी सहित कई पेंशनर उपस्थित रहे।
अंत में अध्यक्ष मोयल ने बताया कि पेंशनरों की विभिन्न मांगों को लेकर शीघ्र ही उपखंड अधिकारी के माध्यम से ज्ञापन प्रेषित किया जाएगा।



