सोजत: पेंशनर समाज भवन में हुआ महानिर्वाणी अखाड़े के आचार्य महामंडलेश्वर विशोकानन्द भारती जी का भव्य सम्मान समारोह।

अकरम खान की रिपोर्ट।
सोजत। सोजत महानिर्वाणी अखाड़े के प्रमुख आचार्य महामंडलेश्वर बीकानेर राजगुरु श्री विशोकानन्द भारती जी महाराज का हरिद्वार के पेंशनर समाज भवन में भव्य सम्मान किया गया। इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में समाज के विभिन्न वर्गों के गणमान्य नागरिकों की उपस्थिति रही।

सम्मान समारोह को संबोधित करते हुए आचार्य महामंडलेश्वर श्री विशोकानन्द भारती जी महाराज ने कहा कि परोपकार से बढ़कर कोई सेवा नहीं है और परपीड़ा से बढ़कर कोई पाप नहीं होता। मनुष्य को अपने जीवन का उद्देश्य परहित में लगाना चाहिए, तभी जीवन सार्थक बनता है। उन्होंने कहा कि सेवा, करुणा और सहयोग की भावना ही समाज को आगे बढ़ाती है।

कार्यक्रम में चारण गढ़वी इंटरनेशनल फाउंडेशन के सोसियो ग्लोबल प्रेसिडेंट अनोपसिंह लखावत ने कहा कि संत समाज को सही दिशा देने का कार्य करते हैं। संतों का मार्गदर्शन हमें कल्याण और सद्भाव के पथ पर अग्रसर करता है।
पेंशनर समाज के अध्यक्ष लालचंद मोयल ने अपने उद्बोधन में कहा कि संतों के सानिध्य से जीवन को नई दिशा मिलती है और व्यक्ति आत्मिक शांति के साथ सामाजिक दायित्वों का निर्वहन करता है।
कार्यक्रम में ओम पाराशर ने स्वामी जी एवं पेंशनर समाज का परिचय देते हुए कहा कि सामाजिक सरोकारों में सोजत की सभी सामाजिक संस्थाएं सदैव बढ़-चढ़कर भाग लेती हैं। उन्होंने बताया कि स्वामी विशोकानन्द भारती जी के देशभर में 72 मठ हैं, जहां विभिन्न सेवा एवं जनकल्याणकारी प्रकल्प संचालित किए जा रहे हैं।
चेतन व्यास ने स्वामी जी की अगुवाई की। इस अवसर पर अमरानंद भारती, बार एसोसिएशन अध्यक्ष देवेंद्र व्यास, चेतन व्यास, उप कोष अधिकारी सत्यनारायण सैन, जुगल किशोर दवे, अनिल जैन, सत्तुसिंह भाटी, अशोक सैन, महेंद्र माथुर, अब्दुल समद राही, कैलाशदान चारण, ईश्वरदास पुरुषवाणी, श्यामसिंह चारण सहित बड़ी संख्या में गणमान्यजन उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का संचालन रामस्वरूप भटनागर ने किया।



