सोजत में धुलंडी पर गाँवई गैर की धूम, गुलाल से सराबोर हुईं शहर की सड़कें।

अकरम खान की रिपोर्ट।
सोजत। होली के पावन पर्व पर बुधवार को शहर में धुलंडी का उत्सव पूरे उत्साह और उमंग के साथ मनाया गया। दिनभर नागरिकों ने एक-दूसरे पर रंग और गुलाल लगाकर होली की शुभकामनाएं दीं। गाँवई गैर की धूम से पूरा शहर रंगमय हो उठा और मुख्य बाजार सहित कई मार्ग गुलाल से सराबोर नजर आए।

सुबह चारभुजा नाथ मंदिर में फाग उत्सव का आयोजन हुआ। फागुनी और लोकगीतों के साथ भजनों की मधुर प्रस्तुतियों ने श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। इसके बाद चारभुजा मंदिर से भजन गाती गैर रवाना हुई, जो धान मंडी, सब्जी मंडी और मुख्य बाजार होते हुए मोदियों के पास पहुंची। यहां भगवान सीतारामजी के मंदिर में फाग उत्सव मनाया गया। पूरे रास्ते उत्साही युवकों ने गैरियों पर पानी की डोलियां डालकर उन्हें रंग और पानी से सराबोर कर दिया।

दोपहर बाद आउवो के बास से गाँवई गैर रवाना हुई। इस मौके पर भगवान भैरवनाथ को भांग युक्त ठंडाई का भोग लगाया गया। तत्पश्चात ढोल-धमाकों के साथ गैर सब्जी मंडी, गोड़ी पार्श्वनाथ मंदिर, धान मंडी, आड़ा बाजार और नाइयों की हताई होते हुए पावटा पहुंचकर विसर्जित हुई। इस दौरान युवाओं ने डोलियों से पानी की बौछार कर होली के रंग को और भी दोगुना कर दिया।

आयोजन में श्याम सुंदर शर्मा, उपेंद्र पाराशर,हरीश अग्रवाल, पुजारी ओमप्रकाश जोशी, कमल सिंह चौहान और प्रेमचंद पवार ने सक्रिय भागीदारी निभाई। वहीं दूसरी गाँवई गैर में कुलदीप रातड़िया मेहता, पदमचंद धोखा, विकास धोखा, मोहनलाल धोखा, गौतमचंद धोखा, ललित मेहता,शैलेष सेठिया,धर्मेंद्र मेहता,मुकेश पोरवाल,हार्दिक मेहता (मुंबई), सुरेश सुराना,गौतमचंद गाँधी,सिम्पल लुक्कड़, प्रकाश खारीवाल सहित सैकड़ों नागरिक उत्साहपूर्वक शामिल हुए।

धुलंडी पर निकली इन रंग-बिरंगी गैरों ने सोजत शहर में होली के उत्सव को यादगार बना दिया।



