सोजत: समाज चेतना के प्रखर स्वर जनकवि कैलाशदान चारण नहीं रहे, साहित्य जगत शोकाकुल,गणमान्य लोगो ने श्रधांजलि अर्पित की।

अकरम ख़ान
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वरिष्ठ पत्रकार चेतनजी व्यास के साथ अकरम खान की रिपोर्ट।

सोजत। पूर्व काबिना मंत्री लक्ष्मीनारायण दवे ने कहा कि जनकवि कैलाश दान चारण ने अपनी कविताओं के माध्यम से समाज में चेतना जागृत की उन्होंने बिखरते परिवारों की विसंगति,बाल विवाह,बालिका शिक्षा तथा पर्यावरण को सदैव अपनी कविताओं की विषय वस्तु बताया उनका असामयिक निधन समाज के लिए अपूरणीय क्षति हैं।

वरिष्ठ नागरिक समिति अध्यक्ष सुरेश ओझा ने कहा कि चारण समसामयिक विषयों को लेकर सदैव जागरूक थे।

चारण गढ़वी इंटरनेशनल फाउंडेशन सोशियो अध्यक्ष अनोपसिंह लखावत ने कहा कि उन्होंने समाज के हर तबके की पीड़ा एवं बालिका शिक्षा तथा महिला सशक्तिकरण को अपनी कविताओं के माध्यम से स्वर दिया 75 वर्षिय जनकवि कैलाशदान चारण के असामयिक निधन से मारवाड़ क्षेत्र में साहित्य प्रेमियों में शोक की लहर है।

वे विगत कुछ दिनों से अस्वस्थ चल रहे थे, अपनी राजस्थानी काव्य शैली से देश भर में कवि सम्मेलनों के मंच से अपनी विशिष्ट छाप छोड़ने वाले चारण कई पुरस्कारों से सम्मानित हो चुके हैं तथा पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे सिंधिया, अशोक गहलोत, पूर्व काबिना मंत्री लक्ष्मीनारायण दवे सहित कई नेताओ से अपनी काव्य प्रस्तुति से ख्याति अर्जित कर चुके थे।

इनकी प्रसिद्ध रचनाओं में सपुत बेटा कपूत बेटा,बिंद राजों छोटो गणों, गोविन्द बोलो हरी गोपाल बोलों आदि ने प्रादेशिक एवं राष्ट्रीय मंचों पर खुब धुम मचाई वे राजस्थान के प्रसिद्ध लोक गीत केसरिया बालम आवो नी पधारों म्हारे देस को महिला एवं पुरुष दोनों की आवाज में गा लेते थे तथा फिल्मी गीतों पर उनकी पैरोडिया भी खूब चर्चित हुई लोकमान्य संत शेरे ए राजस्थान रुपमुनी रजत जी महाराज सा के मंच से कई बार राष्ट्रीय कवि सम्मेलनों में काव्य प्रस्तुति देने से ख्याति प्राप्त करने वाले चारण महिला सशक्तिकरण,बालिका शिक्षा, साक्षरता सहित कई राष्ट्रीय एवं प्रादेशिक योजनाओं के प्रचार प्रसार से भी जुड़े रहे मारवाड़ क्षेत्र में स्कूली बच्चों में अपनी कविताओं से चारण खूब लोकप्रिय हुए।

उनके निधन पर सोजत की सभी सामाजिक संस्थाओं एवं साहित्यकारों तथा जन प्रतिनिधियों ने संवेदना व्यक्त की जिनमे पूर्व काबिना मंत्री लक्ष्मीनारायण दवे, बजरंग सिंह,लेखराज सिंह,वरिष्ठ नागरिक समिति अध्यक्ष सुरेश ओझा, वरिष्ठ कवि वीरेंद्र लखावत,चारण गढ़वी इंटरनेशनल फाउंडेशन सोशियो अध्यक्ष अनोपसिंह लखावत, अभिनव कला मंच अध्यक्ष गोरधन लाल गहलोत सचिव चेतन व्यास उपाध्यक्ष श्याम लाल व्यास

आईएफडब्ल्यूजे पत्रकार संघ पूर्व जिलाध्यक्ष अरुण जोशी,अध्यक्ष कैलाश गहलोत, ओम नारायण पाराशर,प्रकाश राठौड़ अशोक खींची,भुवनेश टांक,अजय जोशी,हैरंभ भारद्वाज,अकरम खान अशोक गहलोत, मीठालाल पंवार,ओम बौराणा, दिलखुश गहलोत, आमिर रजा,पूर्व सीबीईईओ नाहर सिंह राठौड़,कवि नवनीत राय रुचिर,राम स्वरूप भटनागर, रुचिर साहित्य परिषद् अध्यक्ष बसंत लखावत,सोजत सेवा मंडल मंत्री पुष्पत राज मुणोत,विजय सिंह चौहान,पेंशनर समाज अध्यक्ष लालचंद मोयल, वरिष्ठ नागरिक समिति कोषाध्यक्ष हितेंद्र व्यास,अपर लोक अभियोजक पंकज त्रिवेदी, उमा शंकर द्विवेदी, जगदीश गहलोत,अब्दुल समद राही, वालाराम,बिशन सिंह भाटी , केवल चंद, घनश्याम राठौड़,सुरेंद्र आशिया, राजेंद्र व्यास,श्रवण सिंह, श्रीमती लीला राठौड़,रंजना राठौड़ लीलावती आर्य,वीणा गुप्ता,अनिता श्रीवास्तव आदि ने संवेदना प्रकट की।

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