
जयपुर/सोजत।
अरावली पर्वतमाला में बढ़ते अवैध खनन पर सख्ती करते हुए राज्य सरकार ने आज से प्रदेशव्यापी संयुक्त अभियान की शुरुआत कर दी है। यह विशेष अभियान 15 जनवरी तक चलेगा और राजस्थान के 20 संवेदनशील जिलों में प्रभावी रूप से लागू रहेगा। अभियान का मुख्य उद्देश्य अरावली क्षेत्र में हो रहे अवैध खनन को पूरी तरह रोकना, प्राकृतिक संसाधनों की रक्षा करना और पर्यावरण संतुलन को बनाए रखना है।
सरकार के निर्देश पर खनिज विभाग, वन विभाग, पुलिस और जिला प्रशासन की संयुक्त टीमें बनाई गई हैं, जो चिन्हित क्षेत्रों में लगातार कार्रवाई करेंगी। खासतौर पर ब्यावर, अजमेर और आसपास के अरावली क्षेत्र में अवैध खनन पर कड़ी नजर रखी जाएगी।
इन 20 जिलों में चलेगा अभियान
सरकारी आदेश के अनुसार अवैध खनन के खिलाफ यह अभियान निम्न जिलों में संचालित किया जाएगा—
अलवर
खैरथल–तिजारा
झुंझुनूं
सीकर
जयपुर
दौसा
कोटपूतली–बहरोड़
अजमेर
भीलवाड़ा
ब्यावर
टोंक
कुचामन–डीडवाना
पाली
सिरोही
राजसमंद
उदयपुर
सलूंबर
डूंगरपुर
बांसवाड़ा
प्रतापगढ़
इन सभी जिलों में अरावली पर्वतमाला और उससे जुड़े क्षेत्रों को विशेष निगरानी में रखा गया है।
ड्रोन, गश्त और सख्त कार्रवाई
सूत्रों के अनुसार अभियान के दौरान:
संवेदनशील क्षेत्रों में ड्रोन सर्वे किया जाएगा
अवैध खनन स्थलों पर अचानक छापेमारी होगी
अवैध खनन में लिप्त वाहनों और मशीनरी को जब्त किया जाएगा
दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि किसी भी स्तर पर लापरवाही या मिलीभगत पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों पर भी कार्रवाई होगी।
पर्यावरण संरक्षण पर सरकार का फोकस
राज्य सरकार का कहना है कि अरावली पर्वतमाला न केवल राजस्थान बल्कि पूरे उत्तर भारत के लिए पर्यावरणीय सुरक्षा कवच है। अवैध खनन से जलस्तर गिरने, जंगलों के खत्म होने और जैव विविधता को गंभीर नुकसान पहुंच रहा है। इसी को देखते हुए यह अभियान चलाया जा रहा है।
जनता से भी मांगा सहयोग
प्रशासन ने आम लोगों से अपील की है कि यदि कहीं भी अवैध खनन या अवैध परिवहन की जानकारी मिले तो तुरंत स्थानीय प्रशासन या खनिज विभाग को सूचित करें, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके।
✍️ सोजत न्यूज़
वरिष्ठ पत्रकार ओमप्रकाश बोराणा



