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सोजत ऑटो रिक्शा यूनियन ने बांग्लादेश में हिंदुओं पर अत्याचार के विरोध में राष्ट्रपति के नाम सौंपा ज्ञापन।

अकरम खान की रिपोर्ट।

सोजत। बांग्लादेश में हिंदू नागरिकों पर निरंतर हो रहे अमानवीय अत्याचार, लक्षित हिंसा एवं नृशंस हत्याओं के विरोध में सोजत ऑटो रिक्शा यूनियन विकास समिति, सोजत सिटी की ओर से भारत की महामहिम राष्ट्रपति महोदया के नाम एक विस्तृत एवं कड़ा ज्ञापन उपखंड अधिकारी सोजत सिटी के माध्यम से प्रेषित किया गया।

ज्ञापन में बताया गया कि वर्ष 1941 में बांग्लादेश में हिंदू आबादी लगभग 28 प्रतिशत थी, जो लगातार उत्पीड़न, जबरन विस्थापन एवं योजनाबद्ध हिंसा के चलते वर्तमान में घटकर मात्र 7–8 प्रतिशत रह गई है। यह आंकड़े स्वयं इस बात की ओर संकेत करते हैं कि वहां हिंदू समुदाय को व्यवस्थित रूप से निशाना बनाया जा रहा है। हाल के दिनों में सामने आई घटनाओं में कई निर्दोष हिंदू नागरिकों की भीड़ द्वारा बेरहमी से हत्या की गई, जबकि महिलाओं एवं परिवारों को भय और असुरक्षा के वातावरण में जीवन व्यतीत करने को मजबूर होना पड़ रहा है।


ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया कि बांग्लादेश में हिंदू नागरिकों की हत्याएं, आगजनी एवं लूटपाट की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं, जिन पर प्रभावी नियंत्रण नहीं हो पा रहा है। इससे न केवल वहां रहने वाले हिंदू समुदाय में भय का माहौल है, बल्कि संपूर्ण विश्व में मानवाधिकारों की स्थिति पर भी गंभीर प्रश्न खड़े हो रहे हैं।

सोजत ऑटो रिक्शा यूनियन विकास समिति ने भारत सरकार से मांग की है कि इस गंभीर मानवीय संकट को संयुक्त राष्ट्र, मानवाधिकार आयोग सहित अन्य अंतरराष्ट्रीय मंचों पर प्रमुखता से उठाया जाए। साथ ही बांग्लादेश सरकार पर कूटनीतिक एवं अंतरराष्ट्रीय दबाव बनाकर वहां अल्पसंख्यक हिंदू नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए तथा दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई कर उन्हें न्याय के कठघरे में लाया जाए।

ज्ञापन में यह भी मांग की गई कि पीड़ित हिंदू परिवारों को तत्काल सुरक्षा, सहायता एवं राहत प्रदान की जाए तथा आवश्यकता पड़ने पर नागरिकता संशोधन अधिनियम (CAA) के अंतर्गत उन्हें भारत में शरण दिए जाने की व्यवस्था की जाए, ताकि वे सुरक्षित एवं सम्मानजनक जीवन जी सकें।

इस अवसर पर समिति अध्यक्ष महेंद्र जोशी, पार्षद सुनीता सोनी, एडवोकेट गजेंद्र सोनी, पार्षद लकी जोशी, दिनेश जोशी, सिकंदर भाई, मोहम्मद असलम, यासीन शाह, रामचंद्र भाटी, गंगाराम, मोहन चौधरी, विनोद जोशी, गजेंद्र सिंह चारण, नरपत सिंह दहिया,राकेश भटनागर, नारायण देवासी, महेंद्र मेघवाल, कानाराम चौधरी, राकेश जोशी, नेमीचंद बंजारा, भद्रेश भटनागर, घीसू भाई , रणजी जोशी, जेठाराम, रमजान वासिनी सहित बड़ी संख्या में समाज के जागरूक एंव गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

सभी उपस्थितजनों ने एक स्वर में कहा कि भारत विश्व का सबसे बड़ा लोकतंत्र है और ऐसे में बांग्लादेश में निवास कर रहे हिंदू नागरिकों की सुरक्षा के लिए भारत सरकार को राजनीतिक, कूटनीतिक एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ठोस, निर्णायक और प्रभावी कदम उठाने चाहिए, ताकि वहां अल्पसंख्यक समुदाय भयमुक्त जीवन जी सके।

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