
✍️ वरिष्ठ पत्रकार ओमप्रकाश बोराणा
गैंगस्टर इंदरजीत यादव केस में ED की बड़ी कामयाबी*
नई दिल्ली।
राजधानी दिल्ली में प्रवर्तन निदेशालय (ED) की कार्रवाई ने पूरे सिस्टम को हिला कर रख दिया है। कुख्यात गैंगस्टर और भगोड़े आरोपी इंदरजीत सिंह यादव से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में ED को तीसरे दिन ऐसी कामयाबी हाथ लगी, जिसने जांच एजेंसियों को भी चौंका दिया। छापेमारी के दौरान 6 करोड़ रुपये से अधिक कैश, 17 करोड़ रुपये से ज्यादा कीमत के सोने-हीरे के आभूषण और 35 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्तियों के दस्तावेज बरामद किए गए हैं।
इतना ही नहीं, ED को बड़ी मात्रा में डिजिटल डेटा भी मिला है, जिसका एनालिसिस अभी बाकी है। माना जा रहा है कि जांच आगे बढ़ने पर यह आंकड़ा और भी बढ़ सकता है।
इंदरजीत के करीबी अमन कुमार के ठिकानों से निकला करोड़ों का जखीरा
यह पूरी कार्रवाई ED की गुरुग्राम यूनिट द्वारा PMLA (प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट) के तहत की गई। छापेमारी भगोड़े गैंगस्टर इंदरजीत सिंह यादव के बेहद करीबी अमन कुमार के ठिकानों पर की गई, जहां से यह करोड़ों का खजाना सामने आया।
ED की टीम ने जब दिल्ली के सर्वप्रिय विहार स्थित परिसर में दबिश दी, तो वहां से—
5.12 करोड़ रुपये नकद
8.80 करोड़ रुपये मूल्य के सोने-हीरे के आभूषण
महत्वपूर्ण प्रॉपर्टी और निवेश से जुड़े दस्तावेज
बरामद किए गए।
जांच में सामने आया है कि अमन कुमार, इंदरजीत यादव के जबरन लोन सेटलमेंट, फंड हेराफेरी और अवैध वसूली नेटवर्क का सक्रिय हिस्सा रहा है। यह रकम अवैध कमाई को छिपाने और उसे सफेद करने की कोशिश का हिस्सा मानी जा रही है।
कौन है कुख्यात गैंगस्टर इंदरजीत सिंह यादव?
इंदरजीत सिंह यादव कोई साधारण नाम नहीं, बल्कि अपराध की दुनिया का जाना-माना चेहरा है।
जैम रिकॉर्ड्स एंटरटेनमेंट का मालिक
हरियाणा और उत्तर प्रदेश में दर्जनों आपराधिक मामले
हत्या, रंगदारी, वसूली और दहशत फैलाने के गंभीर आरोप
बड़ी कंपनियों और फाइनेंसरों के बीच चल रहे रिकवरी विवाद सुलझाने के नाम पर दोनों पक्षों से मोटा कमीशन वसूलने का नेटवर्क
आरोप है कि इंदरजीत हथियारों के दम पर लोगों को डराकर विवादित लेन-देन निपटवाता था। इन्हीं गतिविधियों के चलते उसके खिलाफ हिस्ट्रीशीट भी खोली गई है।
देश से फरार, UAE से नेटवर्क ऑपरेट करने की आशंका
कुख्यात गैंगस्टर इंदरजीत यादव फिलहाल फरार है। एजेंसियों को शक है कि वह UAE (संयुक्त अरब अमीरात) में छिपकर अपने पूरे नेटवर्क को संचालित कर रहा है।
यह पहली बार नहीं है जब उसके ठिकानों से करोड़ों की बरामदगी हुई हो। इससे पहले भी हुई कार्रवाई में
5 लग्जरी गाड़ियां
बड़ी मात्रा में नकदी
जब्त की जा चुकी हैं। पिछले तीन दिनों से लगातार ED की छापेमारी उसके और उसके करीबियों के ठिकानों पर चल रही थी, जिसमें अब तक की यह सबसे बड़ी सफलता मानी जा रही है।
परिवार और करीबियों पर ED की पैनी नजर
अब ED की जांच का दायरा और बढ़ने वाला है।
एजेंसी की नजर—
इंदरजीत के परिवारजनों
करीबी सहयोगियों
बेनामी संपत्तियों
संदिग्ध लेन-देन और ट्रांजेक्शन
पर टिकी हुई है। जांच एजेंसी यह पता लगाने में जुटी है कि किन-किन लोगों के नाम पर संपत्तियां ली गईं और किस-किस के जरिए पैसा घुमाया गया।
सूत्रों की मानें तो डिजिटल डेटा की जांच पूरी होते ही इस नेटवर्क से जुड़े कई और बड़े नामों के सामने आने की संभावना है।
जांच जारी, और बड़े खुलासों की उम्मीद
ED अधिकारियों का कहना है कि यह कार्रवाई अभी खत्म नहीं हुई है। आने वाले दिनों में और भी छापेमारी, गिरफ्तारी और खुलासे हो सकते हैं। राजधानी में मिले इस ‘खजाने’ ने यह साफ कर दिया है कि मनी लॉन्ड्रिंग का यह नेटवर्क कितना गहरा और संगठित है।



