
टोंक (राजस्थान)
✍️ वरिष्ठ पत्रकार ओमप्रकाश बोराणा

राजस्थान के टोंक जिले में खुदाई के दौरान मिले रहस्यमयी घड़े का राज आखिरकार पुलिस ने खोल दिया है। जिसे लोग सदियों पुराना खजाना मान रहे थे, वह दरअसल एक शातिर ठग तांत्रिक की सोची-समझी साजिश निकली। पुलिस ने रविवार रात कार्रवाई करते हुए खुद को तांत्रिक बताने वाले ठग और उसके एक साथी को गिरफ्तार कर लिया है। दोनों आरोपियों के कब्जे से 5 किलो 242 ग्राम नकली सोना बरामद किया गया है।
तंत्र-मंत्र के नाम पर फैलाया भ्रम
पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी खुद को सिद्ध तांत्रिक बताकर लोगों को यह यकीन दिलाता था कि उसे तंत्र-मंत्र और विशेष साधनाओं के जरिए जमीन में गड़ा हुआ धन दिखाई देता है। इसी झांसे में लेकर वह ग्रामीणों और भोले-भाले लोगों को खुदाई के लिए प्रेरित करता था।
आरोपियों ने पहले से ही एक स्थान पर घड़ा जमीन में दबा रखा था। मौका देखकर वही जगह बताकर खुदाई करवाई जाती थी, ताकि लोगों को लगे कि तंत्र विद्या से खजाना निकाला गया है।
सोने जैसी ईंटें, असल में पीतल-तांबा
जांच में बड़ा खुलासा यह हुआ कि घड़े में रखी सोने की ईंटें और बिस्किट असल सोना नहीं, बल्कि पीतल और तांबे से बनी नकली सामग्री थी। आरोपियों ने इन धातुओं पर सोने जैसी परत चढ़ा रखी थी, जिससे पहली नजर में वह शुद्ध सोना प्रतीत हो।
पुलिस ने जब तकनीकी जांच करवाई तो सारा फर्जीवाड़ा उजागर हो गया। कुल 5.242 किलो नकली सोना जब्त किया गया है।
खुद ही रचते थे ‘खजाने’ की कहानी
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, यह कोई पुराना या ऐतिहासिक खजाना नहीं था। आरोपियों ने लोगों को ठगने के उद्देश्य से खुद ही जमीन में घड़ा दबाया था और फिर नाटक के तहत खुदाई कर उसे निकलवाया। इसके बाद मोटी रकम और हिस्सेदारी के नाम पर पीड़ितों से पैसे ऐंठे जाते थे।
पुलिस को शक, बड़ा ठगी नेटवर्क
प्रारंभिक पूछताछ में यह भी संकेत मिले हैं कि आरोपी इससे पहले भी कई जगह इसी तरह की ठगी कर चुके हैं। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस गिरोह ने किन-किन जिलों में लोगों को शिकार बनाया और कितनी रकम की ठगी की।
पुलिस की अपील
टोंक पुलिस ने आमजन से अपील की है कि तंत्र-मंत्र, जमीन में गड़ा धन या चमत्कार के नाम पर किसी के झांसे में न आएं। यदि कोई व्यक्ति इस तरह का दावा करता है तो तुरंत पुलिस को सूचना दें।
फिलहाल दोनों आरोपियों से गहन पूछताछ जारी है और मामले में आगे और खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।



