राजस्थान पंचायत चुनाव पर बड़ा अपडेट: आयोग हुआ सक्रिय, सभी जिला कलक्टरों को जारी नया आदेश – 15 अप्रैल से पहले पूरे होंगे चुनाव, आरओ–एआरओ नियुक्ति की प्रक्रिया तेज


सोजत न्यूज़ वरिष्ठ पत्रकार ओमप्रकाश बोराणा
राजस्थान में पंचायत चुनावों की तैयारियां अब अंतिम चरण में पहुंच गई हैं। राज्य निर्वाचन आयोग ने पंचायत चुनाव को तय समय सीमा के भीतर संपन्न कराने के लिए सभी जिला कलक्टरों को महत्वपूर्ण आदेश जारी किए हैं। इन आदेशों के तहत पंचायत समितियों में शीघ्र रिटर्निंग ऑफिसर (आरओ) और असिस्टेंट रिटर्निंग ऑफिसर (एआरओ) की नियुक्ति करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि चुनावी प्रक्रिया में किसी प्रकार की देरी या बाधा न आए।


🔹 ट्रेनी IAS और RAS अधिकारियों की नियुक्ति नहीं

निर्वाचन आयोग ने स्पष्ट निर्देश दिया है कि आरओ और एआरओ जैसे महत्वपूर्ण पदों पर प्रशिक्षणाधीन (ट्रेनी) IAS या RAS अधिकारियों की नियुक्ति नहीं की जाएगी।
यदि किसी पंचायत समिति में आरओ के लिए आईएएस या आरएएस अधिकारी उपलब्ध नहीं हों, तो आयोग की अनुमति लेकर तहसीलदार को रिटर्निंग ऑफिसर नियुक्त किया जा सकेगा।



🔹 एआरओ के पद पर तहसीलदार और नायब तहसीलदार भी होंगे शामिल

निर्वाचन आयोग ने यह भी साफ किया है कि एआरओ के पद पर तहसीलदार के साथ नायब तहसीलदार की भी नियुक्ति की जा सकती है, ताकि चुनावी प्रक्रिया सुचारू रूप से संचालित हो सके।



🔹 सुप्रीम कोर्ट का सख्त निर्देश – 15 अप्रैल 2026 तक पूरे हों पंचायत चुनाव

राजस्थान में पंचायत चुनाव की उल्टी गिनती शुरू हो चुकी है। सुप्रीम कोर्ट ने दोहराया है कि राज्य में पंचायत चुनाव 15 अप्रैल 2026 से पहले हर हाल में पूरे कराए जाएं।
पंचायत परिसीमन से जुड़ी याचिका को सुप्रीम कोर्ट ने खारिज कर दिया है और इस मामले में किसी भी तरह के दखल से इनकार कर दिया है। इससे चुनाव प्रक्रिया का रास्ता साफ हो गया है।



🔹 अगले महीने लग सकती है आचार संहिता

सूत्रों के अनुसार, राजस्थान में पंचायत चुनावों के लिए अगले महीने 15 फरवरी के बाद कभी भी आचार संहिता लागू हो सकती है। निर्वाचन विभाग की तैयारियां तेजी से अंतिम दौर में हैं।


🔹 गांवों में चुनावी हलचल तेज – लोग सीट रिजर्वेशन लॉटरी का इंतजार करते नजर आए

गांवों में पंचायती राज चुनाव को लेकर चर्चाएं तेज हैं। संभावित उम्मीदवार और ग्रामीणों में उत्सुकता बढ़ गई है। सभी की नजरें अब सीट रिजर्वेशन लॉटरी पर टिकी हैं, जो तय करेगी कि किस पंचायत, वार्ड और सीट का आरक्षण किस श्रेणी में रहेगा।

             कुल मिलाकर

चुनाव तैयारी तेज

अधिकारियों की नियुक्ति पर स्पष्ट गाइडलाइन

सुप्रीम कोर्ट की सख्त समय सीमा

ग्रामीण क्षेत्रों में चुनावी सरगर्मी तेज


अब पूरा राज्य पंचायत चुनावों की घोषणा और आचार संहिता लागू होने का इंतजार कर रहा है। जैसे-जैसे तारीखें नजदीक आएंगी, राजनीतिक हलचल और बढ़ने की संभावना है। यदि चाहें तो मैं इस खबर को डिजिटल मीडिया / अखबार के फॉर्मेट में संपादकीय शैली में भी तैयार कर सकता हूं

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