सोजत: पूर्व सैनिक संगठन ने हर्षोल्लास से मनाया 78वां सेना दिवस।

अकरम खान की रिपोर्ट।
सेना दिवस वीरता, अदम्य साहस और शौर्य गाथाओं की याद दिलाता है : फौजी अशोक सेन

सोजत। पूर्व सैनिक संगठन द्वारा स्थानीय रामलीला तालाब पार्क के पास 78वां सेना दिवस हर्षोल्लास एवं गरिमामय वातावरण में मनाया गया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए फौजी अशोक सेन ने कहा कि सेना दिवस भारतीय सेना की वीरता, अदम्य साहस और शौर्य गाथाओं की स्मृति को जीवंत करता है। यह दिन देश के युवाओं के लिए प्रेरणा का सशक्त माध्यम है।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि भामाशाह व समाजसेवी अनोपसिंह लखावत ने कहा कि देश की सुरक्षा में भारतीय सेना की भूमिका सदैव अहम रही है। हमें अपने सैनिकों पर गर्व है और उनका सम्मान करना हमारा कर्तव्य है। उन्होंने आगामी वर्षों में सेना दिवस को और अधिक भव्य रूप से मनाने का संकल्प भी व्यक्त किया।

कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए संस्था अध्यक्ष पाबूसिंह जैतावत ने सेना दिवस की ऐतिहासिक महत्ता पर प्रकाश डाला तथा भारतीय सेना के पहले फील्ड मार्शल के.एम. करियप्पा के पराक्रम और सेना संगठन में उनके अतुलनीय योगदान को विस्तार से बताया।

विशिष्ट अतिथि पेंशनर समाज अध्यक्ष लालचंद मोयल ने कहा कि सैनिक दुर्गम और विषम परिस्थितियों में रहते हुए बिना स्वयं की चिंता किए मातृभूमि एवं नागरिकों की सुरक्षा करता है, जो सर्वोच्च बलिदान का प्रतीक है।

इस अवसर पर वरिष्ठ अतिथि लक्ष्मण राम पालरिया, कैप्टन चंदन सिंह, अभिनव कला मंच सचिव चेतन व्यास, सुरेश ओझा, सार्जेंट नाथू सिंह भाटी, अलारख शेख, डॉ. रशीद गौरी सहित अन्य वक्ताओं ने भी अपने विचार व्यक्त किए। कार्यक्रम का संचालन शारीरिक शिक्षक संघ जिला संरक्षक सत्तुसिंह भाटी ने किया।

कार्यक्रम की शुरुआत देश के लिए अपने प्राणों की आहुति देने वाले वीर सैनिकों को दो मिनट का मौन रखकर श्रद्धांजलि अर्पित करने से हुई, जबकि समापन राष्ट्रगान के साथ किया गया।

ये रहे उपस्थित..
हवलदार रुपाराम, हेम सिंह, मीठालाल तंवर, भेराराम, आर.सी. गहलोत, सार्जेंट भुंडाराम, भंवर सिंह, मांगीलाल, सोहन नाथ, विजय सिंह सहित अभिनव कला मंच अध्यक्ष गोवर्धन लाल गहलोत, धन्नाराम परिहार, अकरम खान, भामाशाह जवरी लाल बोराणा, गणपत लाल, मोहनलाल राठौड़, रमेश चंद किंजा, श्रवण सांखला, अब्दुल सलीम शेख, रमजान छीपा, अब्दुल समद राही सहित अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।



