
सोजत न्यूज़ वरिष्ठ पत्रकार ओमप्रकाश बोराणा
सोजत (पाली)।
नगर सोजत में आयोजित श्रीमद् भागवत कथा ज्ञान यज्ञ में श्रद्धालुओं का अपार जनसैलाब उमड़ पड़ा। कथा स्थल पर प्रतिदिन भक्ति, श्रद्धा और आस्था का अद्भुत संगम देखने को मिल रहा है। कथा के दौरान नगर सहित आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे और भगवान श्रीहरि की लीलाओं का रसपान किया।
श्रीमद् भागवत कथा के अवसर पर संत श्री गोविंद गिरी जी महाराज ने अपने ओजस्वी और भावपूर्ण प्रवचनों से श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया। महाराज श्री ने राजा बलि और भगवान विष्णु के वामन अवतार की कथा का विस्तार से वर्णन करते हुए बताया कि किस प्रकार भगवान विष्णु ने ब्राह्मण वेश धारण कर राजा बलि के यज्ञ में पहुंचकर तीन पग भूमि का वरदान मांगा और अपने दिव्य रूप से संपूर्ण सृष्टि को नाप लिया। उन्होंने कहा कि भगवान की लीला मानव बुद्धि से परे है और सच्ची भक्ति से ही भगवान की कृपा प्राप्त होती है।
कथा के दौरान संत श्री ने भक्त प्रहलाद की अमर कथा का भी मार्मिक वर्णन किया। उन्होंने बताया कि इतिहास में भक्त प्रहलाद जैसा कोई भक्त नहीं हुआ, जिसकी अटूट भक्ति के कारण स्वयं भगवान विष्णु को नरसिंह अवतार धारण करना पड़ा। हिरण्यकश्यप जैसे अत्याचारी पिता के अत्याचारों के बावजूद प्रहलाद की भक्ति डगमगाई नहीं और अंततः भगवान ने अपने भक्त की रक्षा के लिए खंभे से प्रकट होकर अधर्म का नाश किया। महाराज श्री ने श्रद्धालुओं से आह्वान किया कि वे भी प्रहलाद की तरह अडिग भक्ति और सत्य के मार्ग पर चलें।
श्रीमद् भागवत कथा में पाली पूर्व विधायक ज्ञानचंद पारीक सहित अनेक जनप्रतिनिधि, समाजसेवी, संत-महात्मा और गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। सभी ने कथा श्रवण कर आध्यात्मिक आनंद की अनुभूति की। कथा स्थल पर भजन-कीर्तन और जयकारों से पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया।
आयोजकों द्वारा श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए उत्तम व्यवस्थाएं की गई हैं। कथा के समापन पर आरती और प्रसाद वितरण किया गया। श्रद्धालुओं ने कहा कि श्रीमद् भागवत कथा से जीवन को नई दिशा और आध्यात्मिक शांति प्राप्त होती है।
नगर में आयोजित यह श्रीमद् भागवत कथा न केवल धार्मिक आस्था का केंद्र बनी, बल्कि सामाजिक समरसता और भक्ति भावना का भी सशक्त संदेश दे गई।





