सोजत में वरकारी भक्ति परंपरा की जीवंत प्रस्तुति, महाराष्ट्र के विद्यार्थियों ने किया संत्सग यात्रा का साकार मंचन।

अकरम खान की रिपोर्ट।
सोजत। महाराष्ट्र के संत ज्ञानेश्वर महाराज एवं संत तुकाराम जी महाराज की भक्ति परंपरा पर आधारित वरकारी शैली में आनंदपुर से पंढरपुर तक होने वाली आनंद संत्सग यात्रा को शनिवार को सोजत में जीवंत रूप में प्रस्तुत किया गया। महाराष्ट्र की विभिन्न स्कूलों में अध्ययनरत विद्यार्थियों एवं गुरुओं द्वारा दी गई इस अनूठी प्रस्तुति ने सोजतवासियों को भावविभोर कर दिया।
अभिनव कला मंच के सचिव चेतन व्यास एवं स्थानीय कथा व्यास मुकेश भाई ओझा व कौशिक ओझा ने विद्यार्थियों की इस विशिष्ट कला प्रस्तुति की सराहना करते हुए सोजत क्षेत्रवासियों एवं सामाजिक संस्थाओं की ओर से साधुवाद दिया। उल्लेखनीय है कि यह कला मंडली इन दिनों सोजत में आकर्षण का केंद्र बनी हुई है।
परंपरागत मराठी वेशभूषा में सजे बाल कलाकार विठ्ठलानंद महाराज के सानिध्य में, गोविंद गिरी जी महाराज द्वारा व्यासपीठ से प्रस्तुत श्रीमद्भागवत कथा के दौरान विभिन्न प्रसंगों पर लोक संगीत के साथ वीणा, ढोलक एवं मंजीरों की मधुर ध्वनि पर प्रस्तुति देकर वातावरण को भक्तिमय बना रहे हैं।
पाली दरवाजा क्षेत्र में समूह पंक्ति में दी गई मंडली की प्रस्तुति सोजत की धरती पर अविस्मरणीय बन गई। यजमान वचनाराम राठौड़, ओमप्रकाश राठौड़, महेंद्र पूजा राठौड़ सहित सोजत के प्रबुद्धजनों ने कलाकारों की हौसला अफजाई कर उनका उत्साहवर्धन किया।



