ज्योतिष वास्तु शास्त्र

19 जनवरी 2026 सोमवार से गुप्त नवरात्रि प्रारंभदस महाविद्याओं की होगी विशेष साधना, सिद्धि-साधकों के लिए महापर्व

             धार्मिक विशेष



✍️ सोजत न्यूज़  वरिष्ठ पत्रकार: ओमप्रकाश बोराणा

सोजत।
माघ मास के शुक्ल पक्ष से गुप्त नवरात्रि का पावन पर्व 19 जनवरी 2026, सोमवार से प्रारंभ हो रहा है। यह नवरात्रि साधना, सिद्धि और तांत्रिक-वैदिक उपासना का विशेष समय माना जाता है। गुप्त नवरात्रि में माँ दुर्गा की दस महाविद्याओं के रूप में आराधना की जाती है, जो विशेष रूप से साधकों, तांत्रिकों एवं आध्यात्मिक उपासकों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जाती है।

वर्ष में दो बार आती है गुप्त नवरात्रि

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार वर्ष में दो बार गुप्त नवरात्रि आती है—

पहली माघ मास में

दूसरी आषाढ़ मास में


इन नवरात्रियों में साधक गुप्त रूप से माता भगवती की उपासना करते हैं। इस दौरान की गई साधना शीघ्र फलदायी मानी जाती है और समस्त मनोकामनाओं की पूर्ति का मार्ग प्रशस्त करती है।


दस महाविद्याओं की आराधना

गुप्त नवरात्रि के दौरान साधक निम्नलिखित दस महाविद्याओं की पूजा-साधना करते हैं—

1. माँ काली


2. तारा देवी


3. त्रिपुर सुंदरी


4. भुवनेश्वरी


5. माता छिन्नमस्ता


6. त्रिपुर भैरवी


7. माँ धूमावती


8. माता बगलामुखी


9. मातंगी


10. कमला देवी



इन महाविद्याओं की साधना से भय, रोग, शत्रु, दरिद्रता एवं मानसिक बाधाओं से मुक्ति मिलती है तथा साधक को आध्यात्मिक उन्नति प्राप्त होती है।



तांत्रिक एवं वैदिक साधनाओं का विशेष महत्व

गुप्त नवरात्रि में तांत्रिक साधनाओं के साथ-साथ वैदिक अनुष्ठानों का भी विशेष महत्व है। योग्य ब्राह्मण द्वारा दुर्गा सप्तशती के संपुटित पाठ, हवन एवं जप-तप करने से साधना अधिक प्रभावशाली मानी जाती है।

विशेष मनोकामनाओं हेतु प्रभावी मंत्र

🔸 पति प्राप्ति के लिए मंत्र

कात्यायनी महामाये महायोगिन्यधीश्वरि।
नन्दगोपसुतं देवि पतिं मे कुरुते नमः॥

इस मंत्र के साथ दुर्गा सप्तशती का संपुटित पाठ किसी योग्य ब्राह्मण से करवाकर माता से श्रद्धा-भाव से प्रार्थना करने पर शीघ्र सौभाग्य की प्राप्ति होती है।



🔸 पत्नी प्राप्ति के लिए मंत्र

पत्नीं मनोरमां देहि मनोवृत्तानुसारिणीम्।
तारिणीं दुर्गसंसारसागरस्य कुलोद्भवाम्॥

माँ दुर्गा सप्तशती के संपुटित पाठ के साथ इस मंत्र का श्रद्धापूर्वक जप करने से मनोकामना पूर्ण होती है।



🔸 शत्रु पर विजय एवं शांति के लिए

सर्वाबाधा प्रशमनं त्रैलोक्यस्याखिलेश्वरि।
एवमेव त्वया कार्यमस्मद्दैरिविनाशनम्॥



🔸 बाधा मुक्ति एवं धन-पुत्र प्राप्ति के लिए

सर्वाबाधा विनिर्मुक्तो धन-धान्य सुतान्वितः।
मनुष्यो मत्प्रसादेन भविष्यति न संशयः॥



🙏 श्रद्धा और नियम से करें साधना

धार्मिक विद्वानों के अनुसार गुप्त नवरात्रि में साधना करते समय गोपनीयता, ब्रह्मचर्य, शुद्ध आचरण एवं नियम का विशेष ध्यान रखना चाहिए। सच्ची श्रद्धा और विश्वास के साथ की गई उपासना से माँ भगवती अवश्य प्रसन्न होती हैं और साधक को इच्छित फल प्रदान करती हैं।

— सोजत न्यूज़

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