सोजत: नरेगा संशोधन व मतदाता सूची पर कांग्रेस कि प्रेसवार्ता, निरंजन आर्य ने साधा सरकार पर निशाना।

अकरम खान की रिपोर्ट।
सोजत। विधानसभा से कांग्रेस प्रत्याशी व पूर्व मुख्य सचिव निरंजन आर्य ने केंद्र की भाजपा सरकार पर महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) में किए गए हालिया बदलावों को लेकर तीखा हमला बोला है। आर्य ने कहा कि इन संशोधनों से राज्यों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ेगा, जिसे कांग्रेस किसी भी सूरत में स्वीकार नहीं करेगी।

स्थानीय कांग्रेस भवन में आयोजित प्रेसवार्ता को संबोधित करते हुए आर्य ने बताया कि वर्ष 2005-06 में तत्कालीन कांग्रेस सरकार ने नरेगा जैसी जनकल्याणकारी योजना की शुरुआत की थी और 2007 में संसद के माध्यम से इसे कानून का रूप दिया गया। साथ ही 73वें संविधान संशोधन के तहत पंचायती राज संस्थाओं को सशक्त बनाकर योजना का सीधा लाभ ग्रामीण मजदूरों तक पहुंचाया गया।

उन्होंने कहा कि पहले नरेगा के तहत 90 प्रतिशत राशि केंद्र और 10 प्रतिशत राज्य सरकार वहन करती थी, लेकिन अब भाजपा सरकार ने इसे बदलकर 60 प्रतिशत केंद्र और 40 प्रतिशत राज्य कर दिया है। इससे राज्यों पर 30 प्रतिशत अतिरिक्त भार पड़ेगा, जो पहले से आर्थिक दबाव झेल रही राज्य सरकारों के लिए नुकसानदायक है। कांग्रेस इस संशोधन का पुरजोर विरोध करती है।

इसी क्रम में आर्य ने वर्तमान में चल रहे SIR (मतदाता सूची पुनर्निरीक्षण) पर भी सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि यदि मतदाता सूची में सही तरीके से नाम जोड़े या हटाए जाते हैं तो कांग्रेस को कोई आपत्ति नहीं है, लेकिन यदि इसे किसी प्रायोजित या पक्षपातपूर्ण तरीके से प्रभावित किया गया तो कांग्रेस इसका भी विरोध करेगी।
आर्य की प्रेसवार्ता में केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ कांग्रेस के आक्रामक तेवर साफ नजर आए और नरेगा व लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं को लेकर पार्टी की मजबूत आवाज सामने आई।
प्रेसवार्ता में सोजत ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष सम्पतराज कुमावत, नगर कांग्रेस अध्यक्ष सत्यनारायण टांक, पूर्व नगर अध्यक्ष महेंद्र पालरिया, गोविंद दवे, पुनीत दवे, पार्षद पीर सैय्यद साजिद अली, पार्षद बालमुकुंद गेहलोत, सरपंच ताराराम सिरवी, भैराराम डांगी, असलम मेहर, इमरान सिलावट, इरशाद सिलावट सहित कई कांग्रेस पदाधिकारी मौजूद रहे।



