सोजत:भजन और साधना गुरु की आज्ञा व विवेक से करें- संत श्री पांचाराम जी महाराज।

अकरम खान की रिपोर्ट।
सोजत सिटी । स्थानीय कृषि मंडी के सामने स्थित संत पांचाराम जी महाराज के आश्रम में रविवार प्रारंभ हुए भव्य सत्संग समारोह मे श्रद्धा और भक्ति का वातावरण रहा। इस अवसर पर प्रमुख रामस्नेही संत पांचाराम जी महाराज ने श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए कहा कि भक्ति के मार्ग पर चलने के लिए विवेक और गुरु का मार्गदर्शन अनिवार्य है।

निस्वार्थ साधना से मिलते हैं परमात्मा…
महाराज ने अपने प्रवचनों में कहा कि “भजन सदैव गुरुदेव की आज्ञा से और विवेकपूर्वक करना चाहिए।” उन्होंने बताया कि साधना निष्काम होनी चाहिए, अर्थात उसमें किसी भी प्रकार की सांसारिक इच्छा नहीं होनी चाहिए। ऐसी निस्वार्थ भक्ति से प्रसन्न होकर परमात्मा भक्त को बिना मांगे ही सब कुछ प्रदान कर देते हैं।

संसार में केवल कर्म और भजन ही साथ जाते हैं
जीवन की नश्वरता पर प्रकाश डालते हुए संत पांचाराम महाराज ने कहा कि मनुष्य को धन, संपत्ति, परिवार और संसार को यहीं छोड़कर जाना पड़ता है। मृत्यु के बाद केवल अच्छे कर्म, भजन और साधना ही जीव के साथ जाते हैं। उन्होंने श्रद्धालुओं को प्रेरित किया कि वे सदैव श्रेष्ठ कर्म करें, जिससे अंत समय में मोक्ष या स्वर्ग की प्राप्ति संभव हो सके।

इस धार्मिक आयोजन में क्षेत्र के सैकड़ों महिला एवं पुरुष श्रद्धालुओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और प्रवचनों का लाभ लिया। सत्संग के बाद श्रद्धालुओं को प्रसाद का वितरण भी किया गया।
आयोजक व उपस्थित श्रद्धालु…
कार्यक्रम के आयोजक पुरण सोलंकी रहे। इस अवसर पर राजाराम महाराज, नंदकिशोर परिहार, दिनेश सांखला, दलपत टांक, हेमाराम घांची, लहरा राम माली, श्याम राज, भेराराम, शंकर लाल, चंदना राम, भानाराम, गणपत लाल सहित अनेक श्रद्धालु उपस्थित रहे।
महिला श्रद्धालुओं में संतोष, शांति, सत्यवती पाराशर, कौशल्या, विद्या, लक्ष्मी सहित बड़ी संख्या में महिलाएं मौजूद रहीं।
आज भी होगा सत्संग..
आश्रम के दिनेश सांखला ने जानकारी दी कि संत पांचाराम जी महाराज का सत्संग समारोह सोमवार को भी आयोजित किया जाएगा, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है।



