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सोजत: दाती महाराज के पावन सानिध्य में 11 जोड़ों का सामूहिक विवाह धुमधाम से हुआ संपन्न,गणमान्यजनो की रही उपस्थिति।

अकरम खान की रिपोर्ट।

सोजत/आलावास। राष्ट्रीय संत सेवा एवं गोरक्षा कल्याण परिषद और दाती सेवा संस्थान के संयुक्त तत्वावधान में बादी, नट और भाट समाज की 11 कन्याओं का प्रथम सामूहिक विवाह सम्मेलन गुरुवार को गुरुकुल आश्वासन बालग्राम अलावास परिसर में भव्य रूप से आयोजित हुआ। दाती मदन राजस्थानी महाराज सहित दर्जनों संत-महंतों के पावन सानिध्य और राज्य सरकार के मंत्रियों की गरिमामयी उपस्थिति में 11 वैवाहिक जोड़ों ने एक साथ सात फेरे लेकर जीवनभर साथ निभाने का संकल्प लिया।

कार्यक्रम में राजस्थान सरकार के शिक्षा मंत्री मदन दिलावर, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के मंत्री अविनाश गहलोत, पाली जिले के प्रभारी एवं यूडीएच मंत्री झाबर सिंह खर्रा, क्षेत्रीय विधायक श्रीमती शोभा चौहान, पूर्व कैबिनेट मंत्री लक्ष्मी नारायण दवे, गाजियाबाद (उत्तर प्रदेश) के लोनी विधानसभा क्षेत्र के विधायक नंदकिशोर गुर्जर, दाती आश्रम की मां श्रद्धा, अशोक मुनि, अर्जुन कुमार मुनि सहित अनेक गणमान्य अतिथियों की उपस्थिति रही। हजारों की संख्या में नागरिकों ने कार्यक्रम में पहुंचकर इस पावन आयोजन की शोभा बढ़ाई।

इस अवसर पर चतुर्थ संप्रदाय के महंत भोला गिरी जी महाराज, विजय गिरी जी महाराज, सतीश दास महाराज, मधुर दास महाराज, गिरजानंद महाराज, कमल गिरी जी महाराज, साध्वी पूजा गिरी सहित दिल्ली-एनसीआर से आए दर्जनों संत-महंतों ने भी कार्यक्रम में भाग लेकर नवविवाहित जोड़ों को आशीर्वाद प्रदान किया।

कार्यक्रम के दौरान क्षेत्रीय विधायक शोभा चौहान ने बादी, नट एवं भाट समाज के लिए पाली में हॉस्टल निर्माण हेतु विधायक कोष से 51 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की। वहीं जोधपुर प्रभारी एवं शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने जोधपुर में समाज के हॉस्टल निर्माण के लिए हरसंभव सहयोग देने का भरोसा दिलाया। उन्होंने बादी, नट और भाट समाज को देशभक्ति का प्रतीक बताते हुए कहा कि इन घुमंतू जातियों ने आजादी के आंदोलन के समय सीमा पर लड़ने वाले सैनिकों की सेवा कर सच्ची देशभक्ति का उदाहरण प्रस्तुत किया है।

अपने संबोधन में दाती मदन राजस्थानी महाराज ने राष्ट्रीय सेवा को सर्वोपरि बताते हुए “जात-पात की करो विदाई, हम सब हिंदू भाई-भाई” का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि जातिगत भेदभाव को मिटाकर संगठित होकर राष्ट्र और समाज की सेवा करनी चाहिए, तभी सच्चे अर्थों में प्रगति संभव है। उन्होंने जानकारी देते हुए बताया कि अपनी संत दीक्षा के कार्यकाल में वे अब तक 11 हजार कन्याओं के विवाह संपन्न करा चुके हैं और समाज सेवा व गौमाता की रक्षा ही उनका मुख्य उद्देश्य है।

दाती महाराज ने समाज को नशा मुक्ति का संदेश देते हुए कहा कि यदि समाज में नशामुक्ति और शिक्षा का विकास नहीं होगा तो प्रगति संभव नहीं है। उन्होंने लोगों से सामाजिक कुरीतियों का त्याग कर संगठित होकर समाज के उत्थान के लिए कार्य करने का आह्वान किया।
समारोह का संचालन करण रत्नावत(जोधपुर) ने किया।

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