
अकरम खान की रिपोर्ट।
सोजत बचाओ संघर्ष समिति द्वारा प्रोजेक्ट डायरेक्टर NHAI को सौपा ज्ञापन
“सोजत की एक ही माँग, हाईवे हो बायपास”

सोजत। शहर में राष्ट्रीय राजमार्ग अथोरिटी आफ इण्डिया (NHAI) द्वारा राष्ट्रीय राजमार्ग के आसपास 75 मीटर के नियम को लागू करने और अतिक्रमण हटाने के नोटिस जारी होने के बाद स्थानीय लोगों में चिंता बढ़ गई है। इस मुद्दे को लेकर “सोजत बचाओ संघर्ष समिति” के प्रतिनिधिमंडल ने शुक्रवार को पाली जिला कलेक्टर को पूर्व सूचना देते हुए ज्ञापन सौंपा और 75 मीटर नियम में राहत तथा शहर के बाहर बायपास निर्माण की मांग की।
समिति के सदस्यों ने बताया कि राष्ट्रीय राजमार्ग162 के आसपास स्थित कई निजी जमीनों, पट्टा भूमि, मकानों, दुकानों, होटलों और मंदिरों को खाली करने के नोटिस दिए गए हैं। नोटिस में यातायात सुरक्षा नियमों का हवाला दिया गया है, जिससे सोजत क्षेत्र के लोगों में आक्रोश और असमंजस की स्थिति बन गई है।
ज्ञापन में कहा गया कि इन स्थानों पर कई परिवार वर्षों से निवास कर रहे हैं और अधिकांश लोगों के पास जमीन के वैध दस्तावेज भी मौजूद हैं। यदि 75 मीटर नियम के तहत इन भवनों को हटाया गया तो गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों की जीवनभर की कमाई और उनके रोजगार पर गंभीर संकट खड़ा हो जाएगा।

संघर्ष समिति ने यह भी बताया कि जब शहर के बीच से हाईवे निकालने का विरोध हुआ था, तब हाईवे को शहर के बाहर से बायपास के रूप में निकालने का आश्वासन दिया गया था। ऐसे में अब सोजत के नागरिकों की मांग है कि हाईवे को शहर के बाहर से बायपास के रूप में निकाला जाए, ताकि शहर में बने मकान, दुकान, मंदिर और व्यवसाय सुरक्षित रह सकें।
समिति ने कलेक्टर के माध्यम से सरकार और संबंधित विभागों से मांग की कि सोजत की परिस्थितियों को देखते हुए 75 मीटर नियम में विशेष राहत दी जाए और जल्द से जल्द बायपास निर्माण की प्रक्रिया शुरू की जाए, जिससे स्थानीय लोगों की रोजी-रोटी, आवास और शहर का अस्तित्व सुरक्षित रह सके।
ज्ञापन देने के दौरान अमित कछवाह, जुगल किशोर निकुम, मानवेंद्र भाटी और जोगेश जोशी मौजूद रहे।

संघर्ष समिति ने बताया कि इस मुद्दे को लेकर 16 मार्च 2026 को दोपहर 3 बजे सोजत स्थित जैकल माता मंदिर से विशाल ज्ञापन प्रदर्शन आयोजित किया जाएगा। इसमें सोजत के नागरिक बड़ी संख्या में शामिल होकर सरकार तक अपनी आवाज पहुंचाएंगे।
समिति ने सोजत के सभी नागरिकों से अपील की है कि शहर के अस्तित्व और आम जनता के हितों की रक्षा के लिए अधिक से अधिक संख्या में इस आंदोलन में भाग लें।



