
रिपोर्ट: सोजत न्यूज़ | वरिष्ठ पत्रकार ओमप्रकाश बोराणा
भारत के लोकतांत्रिक इतिहास में एक महत्वपूर्ण पड़ाव दर्ज हुआ है। देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 23 मार्च 2026 को लगातार 8932 दिनों तक सरकार के मुखिया के रूप में कार्य करते हुए एक नया रिकॉर्ड स्थापित किया है। यह उपलब्धि इसलिए भी खास मानी जा रही है क्योंकि उन्होंने मुख्यमंत्री से लेकर प्रधानमंत्री तक का सफर बिना किसी विराम के तय किया है।
मुख्यमंत्री से प्रधानमंत्री तक बिना रुके सफर
मोदी ने 7 अक्टूबर 2001 को गुजरात के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी। इसके बाद वे लगातार इस पद पर बने रहे, जब तक कि 26 मई 2014 को उन्होंने भारत के प्रधानमंत्री के रूप में शपथ नहीं ली। इस पूरे कार्यकाल में एक दिन का भी अंतर नहीं आया—जो अपने आप में एक अनूठा रिकॉर्ड है।
पवन चामलिंग का रिकॉर्ड पीछे छोड़ा
राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, मोदी ने पवन कुमार चामलिंग का रिकॉर्ड भी पीछे छोड़ दिया है, जो लगभग 8930 दिनों तक सिक्किम के मुख्यमंत्री रहे थे। इस तरह मोदी अब देश में सबसे लंबे समय तक लगातार सत्ता में रहने वाले प्रमुख नेता बन गए हैं।
सनातन आस्था और राजनीतिक नेतृत्व
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के स्वयंसेवक रहे नरेंद्र मोदी ने हमेशा अपनी सांस्कृतिक और धार्मिक आस्था को खुलकर स्वीकार किया है। प्रधानमंत्री बनने के बाद उन्होंने “सबका साथ, सबका विकास” का नारा दिया, लेकिन साथ ही अपनी सनातन परंपराओं से जुड़ाव बनाए रखा।
हिमालय की गुफाओं में ध्यान से लेकर उज्जैन के महाकाल मंदिर और अयोध्या में राम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा तक, उनकी आस्था सार्वजनिक रूप से दिखाई देती रही है। काशी को अपना संसदीय क्षेत्र चुनना और वहां काशी विश्वनाथ मंदिर के पुनर्विकास कार्य को प्राथमिकता देना भी इसी का उदाहरण है।
बदलते भारत के सामाजिक संकेत
विशेषज्ञों का मानना है कि मोदी की यह लंबी राजनीतिक स्थिरता देश के नागरिकों के बदलते स्वभाव को भी दर्शाती है। आज का मतदाता केवल राजनीति नहीं, बल्कि सांस्कृतिक पहचान, विकास और स्थिर नेतृत्व को भी महत्व देता है।
भारत जैसे विविधतापूर्ण देश में, जहां विभिन्न धर्म और समुदाय रहते हैं, वहां लंबे समय तक एक नेता का नेतृत्व करना लोकतांत्रिक परिपक्वता का संकेत माना जा रहा है।
वैश्विक संदर्भ में भारत की स्थिति
दुनिया के कई हिस्सों में संघर्ष और अस्थिरता के बीच भारत में अपेक्षाकृत शांति और सामाजिक संतुलन बना हुआ है। इसे देश की सांस्कृतिक विरासत और सामाजिक संरचना से जोड़कर देखा जा रहा है।
8932 दिनों तक लगातार सत्ता में बने रहना केवल एक आंकड़ा नहीं, बल्कि भारतीय राजनीति के एक युग का प्रतीक है। आने वाले वर्षों में, खासकर 2029 तक, यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि यह नेतृत्व देश को किस दिशा में आगे ले जाता है।



