
सोजत सिटी से बड़ी खबर
सोजत सिटी के राजकीय चिकित्सालय में शनिवार को ईमानदारी की एक प्रेरणादायक घटना सामने आई, जिसने इंसानियत और सच्चाई पर लोगों का भरोसा और मजबूत कर दिया। उपचार के लिए अस्पताल आई एक महिला के गले से गिर गए सोने के मादलियों को एक अन्य महिला ने बिना किसी लालच के वापस लौटाकर समाज के सामने एक मिसाल पेश की।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, बोयल निवासी सूरतादेवी, पत्नी किशनाराम देवासी, शनिवार को राजकीय चिकित्सालय में एक्स-रे और अन्य जांच के लिए पहुंची थीं। जांच के दौरान उनके गले में पहने हुए सोने के तीन मादलिये, जिनका वजन करीब एक तोला बताया जा रहा है, कहीं अस्पताल परिसर में गिर गए। जांच पूरी होने के बाद जब उन्हें अपने गहनों के गायब होने का एहसास हुआ, तो उनके चेहरे पर चिंता और निराशा साफ दिखाई देने लगी।
इसी दौरान, दोरनड़ी निवासी कैलाश कंवर, पत्नी भगवानसिंह, जो स्वयं भी अस्पताल आई हुई थीं, को ये सोने के मादलिये मिले। उन्होंने बिना देर किए आसपास जानकारी जुटाई और असली मालिक की तलाश शुरू की। पूरी तरह संतुष्ट होने के बाद उन्होंने सूरतादेवी को उनके मादलिये सुरक्षित वापस लौटा दिए।
अपने गाढ़ी कमाई से खरीदे गए सोने के मादलिये वापस मिलने पर सूरतादेवी की खुशी का ठिकाना नहीं रहा। उनका मुरझाया चेहरा फिर से खिल उठा। उन्होंने कैलाश कंवर का दिल से आभार जताते हुए उनकी ईमानदारी की सराहना की।
यह घटना न केवल अस्पताल परिसर में चर्चा का विषय बनी, बल्कि समाज के लिए एक सकारात्मक संदेश भी छोड़ गई कि आज भी ईमानदारी और इंसानियत जिंदा है।



