सोजत में पेयजल संकट : अधिकारी पी रहे बिसलेरी, सैकड़ों हेड पंप बने शोपीस — भीषण गर्मी में जनता त्रस्त



✍️ वरिष्ठ पत्रकार ओमप्रकाश बोराणा


सोजत (पाली)।
एक ओर जहां भीषण गर्मी ने आमजन का जीना मुश्किल कर दिया है, वहीं दूसरी ओर सोजत क्षेत्र में पेयजल व्यवस्था पूरी तरह चरमराती नजर आ रही है। हालात यह हैं कि सरकारी प्रोजेक्ट के तहत लगाए गए सैकड़ों हेड पंप बंद पड़े हैं और शोपीस बनकर रह गए हैं, जबकि जिम्मेदार अधिकारी ठंडे कमरों में बैठकर बिसलेरी का पानी पीते नजर आ रहे हैं।


🔥 गर्मी में बढ़ी परेशानी, पानी के लिए भटक रही जनता

सोजत क्षेत्र में तापमान लगातार बढ़ता जा रहा है। ऐसे में पानी की मांग भी चरम पर है, लेकिन गांवों और शहर के कई इलाकों में लगे हेड पंप जवाब दे चुके हैं। महिलाएं और बच्चे दूर से पानी ढोने को मजबूर हैं। कई जगहों पर सुबह-सुबह पानी भरने को लेकर लंबी कतारें देखी जा रही हैं।


   सैकड़ों हेड पंप खराब, रखरखाव नहीं

सूत्रों के अनुसार, सरकारी योजना के तहत लगाए गए सैकड़ों हेड पंप महीनों से खराब पड़े हैं। कई जगहों पर हैंडपंप से पानी आना पूरी तरह बंद हो चुका है, तो कहीं पानी की धार बेहद कमजोर है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि शिकायतें करने के बावजूद मरम्मत नहीं हो रही है।


     अधिकारी बेपरवाह, नहीं ले रहे सुध

स्थानीय लोगों में इस बात को लेकर भारी नाराजगी है कि जहां आम जनता पानी के लिए तरस रही है, वहीं अधिकारी मिनरल वाटर का उपयोग कर रहे हैं। जिम्मेदार विभाग के अधिकारी न तो मौके पर पहुंच रहे हैं और न ही समस्या के समाधान को लेकर गंभीर नजर आ रहे हैं।


        जनता का फूटा गुस्सा

ग्रामीणों और शहरवासियों ने प्रशासन के खिलाफ नाराजगी जताते हुए कहा कि अगर जल्द ही पेयजल व्यवस्था नहीं सुधरी, तो वे आंदोलन करने को मजबूर होंगे। लोगों ने आरोप लगाया कि हर साल गर्मी में यही हाल होता है, लेकिन स्थायी समाधान के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाए जाते।


        स्वास्थ्य पर भी खतरा

पानी की किल्लत के चलते कई लोग मजबूरी में असुरक्षित स्रोतों का पानी पी रहे हैं, जिससे बीमारियों का खतरा भी बढ़ गया है। चिकित्सकों का कहना है कि गंदा पानी पीने से डायरिया, उल्टी-दस्त जैसी समस्याएं बढ़ सकती हैं।


           प्रशासन से मांग

स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि:

खराब पड़े हेड पंपों की तुरंत मरम्मत करवाई जाए

नए जल स्रोत विकसित किए जाएं

नियमित मॉनिटरिंग कर पेयजल व्यवस्था दुरुस्त की जाए


सोजत में पेयजल संकट ने प्रशासनिक व्यवस्थाओं की पोल खोल दी है। एक ओर जहां आमजन बूंद-बूंद पानी के लिए संघर्ष कर रहा है, वहीं दूसरी ओर जिम्मेदार अधिकारी लापरवाही बरतते नजर आ रहे हैं। अब देखना यह होगा कि प्रशासन इस गंभीर समस्या पर कब तक कार्रवाई करता है या फिर जनता की परेशानी यूं ही जारी रहती है।

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