सोजत में महाराष्ट्र की पोवाड़ा शैली बनी आकर्षण का केंद्र, श्रीमद्भागवत कथा में लोक संगीत से बंधा जनमानस।

अकरम खान की रिपोर्ट।
सोजत। महाराष्ट्र की पारंपरिक पोवाड़ा शैली में प्रस्तुति देने वाली कला मंडली इन दिनों सोजत में सभी के आकर्षण का केंद्र बनी हुई है।
पारंपरिक मराठी वेशभूषा में सजे बाल कलाकारों ने विठ्ठलानन्द महाराज के सानिध्य में, गोविन्द गिरी जी महाराज द्वारा व्यासपीठ से प्रस्तुत श्रीमद्भागवत कथा के दौरान विशिष्ट प्रसंगों को लोक संगीत के माध्यम से जीवंत कर दिया।
कला मंडली द्वारा वीणा, ढोलक एवं मंजीरे जैसे पारंपरिक लोक वाद्य यंत्रों के साथ दी गई प्रस्तुतियों ने कथा स्थल पर श्रद्धा और उत्साह का विशेष वातावरण रचा। लोकधुनों और भावपूर्ण गायन ने श्रोताओं को भावविभोर कर दिया।
शुक्रवार को पाली दरवाजा क्षेत्र में समूह पंक्ति में की गई प्रस्तुति ने सोजत की धरती पर एक अविस्मरणीय छाप छोड़ी। स्थानीय नागरिकों ने इस सांस्कृतिक प्रस्तुति की मुक्तकंठ से सराहना की।
इस अवसर पर यजमान वचनाराम राठौड़, ओमप्रकाश राठौड़, महेंद्र राठौड़, पूजा राठौड़ सहित सोजत के प्रबुद्धजनों ने कला मंडली की हौसला अफजाई की और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
कार्यक्रम ने न केवल धार्मिक आयोजन को सांस्कृतिक गरिमा प्रदान की, बल्कि लोककला के संरक्षण और संवर्धन का भी सशक्त संदेश



