राकेश भटनागर
आज रविवार, 25 अक्टूबर 2026 को शरद पूर्णिमा मनाई जा रही है। हिंदू धर्म में इस पूर्णिमा का विशेष महत्व माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, शरद पूर्णिमा की रात मां लक्ष्मी की पूजा, चंद्रदेव की आराधना और खीर का भोग लगाने से सुख-समृद्धि एवं खुशहाली की कामना की जाती है।
अगर आप चाहते हैं कि आपके घर में सुख-शांति बनी रहे, कारोबार में तरक्की हो और परिवार पर मां लक्ष्मी की कृपा बनी रहे, तो आज ये शुभ कार्य कर सकते हैं।
- मां लक्ष्मी की पूजा करें
आज शाम घर के पूजा स्थल को साफ करके मां लक्ष्मी की पूजा करें।
पूजा की सरल विधि:
मां लक्ष्मी के सामने घी का दीपक जलाएं।
लाल या गुलाबी फूल अर्पित करें।
फल, मिठाई और खीर का भोग लगाएं।
मां लक्ष्मी के मंत्र का जाप करें।
परिवार की सुख-समृद्धि और खुशहाली की प्रार्थना करें।
मां लक्ष्मी का मंत्र:
ॐ श्रीं महालक्ष्म्यै नमः॥
अपनी श्रद्धा के अनुसार 11, 21 या 108 बार मंत्र का जाप कर सकते हैं।
- चंद्रदेव को अर्घ्य दें
शरद पूर्णिमा पर चंद्रदेव की पूजा का विशेष महत्व माना जाता है।
आज रात चंद्रमा के दर्शन होने पर श्रद्धापूर्वक जल अर्पित करें। जल चढ़ाते समय ध्यान रखें कि पानी किसी के पैरों पर या गंदगी वाली जगह पर न गिरे।
चंद्रदेव से प्रार्थना करें कि आपके जीवन में शांति, सकारात्मकता और मानसिक संतुलन बना रहे।
चंद्रदेव का मंत्र:
ॐ सोम सोमाय नमः॥
इसे 11 या 21 बार बोल सकते हैं।
- शरद पूर्णिमा पर खीर बनाकर चंद्रमा की रोशनी में रखें
शरद पूर्णिमा की सबसे प्रसिद्ध परंपराओं में से एक है दूध और चावल की खीर बनाना।
खीर रखने की विधि:
- शाम को दूध, चावल और चीनी से खीर बनाएं।
- खीर को साफ बर्तन में रखें।
- चंद्रमा के दर्शन होने पर खीर को कुछ समय चांदनी में रखें।
- खीर को मां लक्ष्मी और भगवान श्रीकृष्ण को भोग लगाएं।
- परिवार के सदस्यों में प्रसाद बांटें।
धार्मिक मान्यता है कि शरद पूर्णिमा की चांदनी में रखी खीर विशेष प्रसाद मानी जाती है। यह एक पारंपरिक आस्था है, वैज्ञानिक रूप से सिद्ध औषधीय प्रभाव नहीं।
ध्यान रखें: खीर को ढककर रखें और धूल, कीड़े-मकोड़ों तथा अन्य बाहरी दूषित चीजों से बचाएं।
🪔 4. घर के मुख्य द्वार पर दीपक जलाएं
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, स्वच्छ और प्रकाशयुक्त घर में मां लक्ष्मी का स्वागत किया जाता है।
आज शाम:
घर के मंदिर में दीपक जलाएं।
मुख्य द्वार पर सुरक्षित स्थान पर दीपक रखें।
घर के प्रवेश द्वार और पूजा स्थल को साफ रखें।
चाहें तो रंगोली बनाकर घर को सजाएं।
दीपक ऐसी जगह रखें जहां आग लगने का खतरा न हो।
- कारोबार और धन में वृद्धि के लिए क्या करें?
यदि आप चाहते हैं कि व्यापार में उन्नति हो और आर्थिक स्थिति मजबूत बने, तो आज मां लक्ष्मी की पूजा के साथ ये काम कर सकते हैं।
अपनी दुकान या व्यवसाय स्थल की सफाई करें।
पूजा स्थल पर घी का दीपक जलाएं।
मां लक्ष्मी को कमल या उपलब्ध सुगंधित फूल अर्पित करें।
अपनी कमाई में से सामर्थ्य के अनुसार कुछ धन जरूरतमंद व्यक्ति की सहायता के लिए निकालें।
कारोबार में ईमानदारी और मेहनत से आगे बढ़ने का संकल्प लें।
मंत्र:
ॐ श्रीं ह्रीं श्रीं महालक्ष्म्यै नमः॥
श्रद्धानुसार 11 या 108 बार जाप कर सकते हैं। ये धार्मिक उपाय आस्था पर आधारित हैं; इनसे धन लाभ की गारंटी नहीं होती।
- गाय को हरा चारा खिलाएं
हिंदू धर्म में गाय की सेवा को पुण्यकारी माना गया है।
आज संभव हो तो:
गाय को हरा चारा खिलाएं।
किसी जरूरतमंद को भोजन कराएं।
पक्षियों के लिए स्वच्छ पानी रखें।
किसी गरीब परिवार को अनाज या दूध दान करें।
दान अपनी क्षमता के अनुसार करें। दूसरों की मदद करना भी इस पावन अवसर को सार्थक बनाने का अच्छा तरीका है।
- भगवान श्रीकृष्ण की पूजा करें
शरद पूर्णिमा का संबंध भगवान श्रीकृष्ण की महारास लीला से भी माना जाता है।
आज आप:
भगवान श्रीकृष्ण को माखन-मिश्री या खीर का भोग लगा सकते हैं।
राधा-कृष्ण के सामने दीपक जला सकते हैं।
श्रीकृष्ण के भजन सुन सकते हैं।
हरे कृष्ण, हरे कृष्ण, कृष्ण कृष्ण, हरे हरे। हरे राम, हरे राम, राम राम, हरे हरे॥ मंत्र का जाप कर सकते हैं।
इससे मन को शांति और भक्ति का भाव मिलता है।
🌙 8. क्या शरद पूर्णिमा की रात जागना चाहिए?
कुछ परंपराओं में शरद पूर्णिमा की रात मां लक्ष्मी की पूजा करते हुए जागरण करने की मान्यता है।
इसे कोजागरी पूर्णिमा भी कहा जाता है। धार्मिक परंपरा में इसका संबंध मां लक्ष्मी की आराधना और रात्रि जागरण से है।
आप चाहें तो रात में:
लक्ष्मी चालीसा का पाठ करें।
विष्णु सहस्रनाम या लक्ष्मी मंत्र का जाप करें।
भजन-कीर्तन करें।
कुछ समय ध्यान और प्रार्थना में बिताएं।
हालांकि, पूरी रात जागना अनिवार्य नहीं है। अपने स्वास्थ्य और सुविधानुसार पूजा करें।
- शरद पूर्णिमा पर किन बातों का ध्यान रखें?
आज इन बातों का ध्यान रखना अच्छा रहेगा:
- घर और पूजा स्थल की साफ-सफाई रखें।
- किसी से बेवजह विवाद न करें।
- अपनी क्षमता के अनुसार जरूरतमंद की मदद करें।
- पूजा में दिखावे के बजाय श्रद्धा को महत्व दें।
- भोजन का अपमान न करें और अन्न की बर्बादी से बचें।
- व्रत रख रहे हैं तो अपने स्वास्थ्य का ध्यान रखें।
- आज शरद पूर्णिमा की तिथि और पूजा का समय
वर्ष 2026 में पूर्णिमा तिथि 25 अक्टूबर को सुबह लगभग 11:55 बजे शुरू होकर 26 अक्टूबर को सुबह लगभग 9:41 बजे तक रहेगी।
आज रात मां लक्ष्मी की पूजा और चंद्रमा के दर्शन के लिए विशेष अवसर है। दिल्ली के पंचांग के अनुसार, चंद्रोदय लगभग शाम 5 बजे बताया गया है, लेकिन सोजत और पाली क्षेत्र में चंद्रोदय का समय अलग हो सकता है। सटीक मुहूर्त के लिए स्थानीय पंचांग देखें।
- आज मां लक्ष्मी से क्या प्रार्थना करें?
आज पूजा के समय शांत मन से मां लक्ष्मी के सामने हाथ जोड़कर यह प्रार्थना कर सकते हैं:
हे मां महालक्ष्मी! हमारे घर में सुख, शांति और समृद्धि बनाए रखें। परिवार के सभी सदस्यों को स्वस्थ रखें। हमारे कार्यों में सफलता दें, मेहनत का उचित फल प्रदान करें और हमें जरूरतमंदों की सहायता करने योग्य बनाएं। हमारे घर से कलह, निराशा और नकारात्मकता दूर करें। सभी पर अपनी कृपा बनाए रखें।
शरद पूर्णिमा का सबसे सरल और शुभ उपाय
यदि आप आज केवल तीन काम करना चाहते हैं, तो ये करें:
- शाम को मां लक्ष्मी के सामने घी का दीपक जलाएं।
- दूध और चावल की खीर बनाकर श्रद्धापूर्वक भोग लगाएं।
- रात में चंद्रदेव के दर्शन करके परिवार की सुख-शांति और समृद्धि की प्रार्थना करें।
याद रखें: पूजा में सबसे महत्वपूर्ण है सच्ची श्रद्धा, सदाचार, सेवा और दूसरों के प्रति अच्छा व्यवहार।
🌕 शुभ शरद पूर्णिमा! मां लक्ष्मी की कृपा से आपके जीवन में सुख, शांति और समृद्धि बनी रहे।





