
✍️ वरिष्ठ पत्रकार ओमप्रकाश बोराणा
मध्य प्रदेश के अशोकनगर में पुलिस ने एक सनसनीखेज ब्लैकमेलिंग और ठगी के मामले का खुलासा करते हुए एक कथित तांत्रिक महिला सहित चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि यह गैंग सोशल मीडिया के जरिए लोगों को अपने जाल में फंसाता था, फिर अश्लील तस्वीरें और वीडियो बनाकर उन्हें वायरल करने की धमकी देकर लाखों-करोड़ों रुपये की वसूली करता था।
पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपियों ने एक नाबालिग युवती को निशाना बनाकर उससे करीब 1 करोड़ 30 लाख रुपये की उगाही की। मामले में गिरफ्तार महिला के बारे में यह भी खुलासा हुआ है कि वह चांदी की चप्पल पहनकर कथित तंत्र साधना किया करती थी, जिससे यह मामला और भी रहस्यमयी और चर्चाओं में आ गया है।
इंस्टाग्राम पर दोस्ती, फिर शुरू हुआ ब्लैकमेल का खेल
मीडिया रिपोर्ट्स और पुलिस जांच के अनुसार, आरोपी गैंग सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम पर युवतियों और युवकों से दोस्ती करता था। बातचीत बढ़ाने के बाद उन्हें प्रेमजाल में फंसाया जाता और फिर निजी तस्वीरें एवं वीडियो हासिल किए जाते थे।
बताया जा रहा है कि एक नाबालिग युवती को भी इसी तरह निशाना बनाया गया। आरोपियों ने कथित तौर पर टैटू स्टूडियो में उसका अश्लील वीडियो तैयार किया और बाद में उसे वायरल करने की धमकी देकर लगातार पैसे वसूले।
पीड़िता और उसके परिवार पर इतना दबाव बनाया गया कि उनसे करीब 1.30 करोड़ रुपये तक की रकम ऐंठ ली गई।
पुलिस छापेमारी में करोड़ों की ठाठ-बाठ का खुलासा
मामले की शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने जांच शुरू की और कई ठिकानों पर छापेमारी की। कार्रवाई के दौरान लगभग 70 लाख रुपये से अधिक का सामान जब्त किया गया।
जब्त सामान में शामिल हैं:
सोने-चांदी के गहने
नकद राशि
फ्रिज
वॉशिंग मशीन
वाहन
अलमारी और अन्य कीमती सामान
पुलिस का मानना है कि ब्लैकमेलिंग से कमाए गए पैसों से आरोपियों ने आलीशान जीवनशैली बना रखी थी।
चांदी की चप्पल पहनकर करती थी तंत्र साधना
जांच के दौरान सबसे चौंकाने वाला खुलासा आरोपी महिला आयुषी चौहान को लेकर हुआ। पुलिस के अनुसार आयुषी खुद को तांत्रिक बताती थी और कथित तौर पर चांदी की चप्पल पहनकर तांत्रिक अनुष्ठान किया करती थी।
इस खुलासे के बाद पूरे इलाके में इस गैंग को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि कहीं इस गैंग ने लोगों को अंधविश्वास और तंत्र-मंत्र के नाम पर भी तो निशाना नहीं बनाया।
टैटू आर्टिस्ट का लैपटॉप जांच के घेरे में
पुलिस ने मामले में टैटू आर्टिस्ट आर्यन सोनी को भी गिरफ्तार किया है। उसके कब्जे से बरामद लैपटॉप और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की फॉरेंसिक जांच कराई जा रही है।
आशंका जताई जा रही है कि इन डिवाइसों में कई अन्य पीड़ितों की जानकारी और आपत्तिजनक वीडियो मौजूद हो सकते हैं। पुलिस को शक है कि यह गैंग लंबे समय से संगठित तरीके से ब्लैकमेलिंग का धंधा चला रहा था।
कौन-कौन आरोपी पुलिस गिरफ्त में?
पुलिस ने फिलहाल चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है:
आदित्य सिंह तोमर
आयुषी चौहान
आकाश
आर्यन सोनी
चारों आरोपियों से पूछताछ जारी है और पुलिस उनके नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश कर रही है।
सोशल मीडिया पर बढ़ते अपराधों ने बढ़ाई चिंता
यह मामला एक बार फिर सोशल मीडिया के जरिए होने वाले अपराधों को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है। पुलिस अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि वे सोशल मीडिया पर अनजान लोगों से दोस्ती करते समय सावधानी बरतें और किसी के साथ निजी तस्वीरें या वीडियो साझा न करें।
विशेषज्ञों का कहना है कि साइबर ब्लैकमेलिंग के ऐसे मामलों में अक्सर आरोपी पहले भावनात्मक भरोसा जीतते हैं और बाद में उसी का फायदा उठाकर लोगों को मानसिक और आर्थिक रूप से प्रताड़ित करते हैं।
पुलिस कर रही नेटवर्क की गहराई से जांच
पुलिस का कहना है कि मामले में अभी कई और खुलासे हो सकते हैं। जांच एजेंसियां आरोपियों के बैंक खातों, मोबाइल रिकॉर्ड, सोशल मीडिया चैट और इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस की जांच कर रही हैं। संभावना जताई जा रही है कि इस गिरोह का नेटवर्क दूसरे शहरों तक भी फैला हो सकता है।