✍️ वरिष्ठ पत्रकार ओमप्रकाश बोराणा
रायपुर/सेंदड़ा। उपखंड क्षेत्र के सेंदड़ा थाना अंतर्गत ग्राम पंचायत रेलड़ा के कानचा उड़ावता गांव में रविवार को गैस लीकेज के कारण हुए भीषण हादसे ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया। एक दुकान के भीतर बनी किचन में अचानक लगी आग ने देखते ही देखते विकराल रूप धारण कर लिया, जिसमें एक महिला सहित दो मासूम बच्चियों की दर्दनाक मौत हो गई। हादसे के बाद गांव में मातम छा गया और पूरे क्षेत्र में शोक की लहर फैल गई।
प्राप्त जानकारी के अनुसार गांव में स्थित एक दुकान के अंदर बने रसोईघर में महिला चाय बनाने के लिए गई थी। बताया जा रहा है कि जैसे ही गैस चूल्हा चालू किया गया, पहले से हो रहे गैस रिसाव के कारण अचानक तेज धमाके के साथ आग भड़क उठी। आग इतनी तेजी से फैली कि वहां मौजूद महिला और दोनों बच्चियों को संभलने तक का मौका नहीं मिला।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार कुछ ही पलों में पूरी किचन आग की लपटों से घिर गई। आसपास मौजूद लोगों ने चीख-पुकार सुनकर मौके पर पहुंच आग बुझाने का प्रयास किया, लेकिन आग की तीव्रता इतनी अधिक थी कि कोई भी अंदर नहीं जा सका। ग्रामीणों ने तत्काल पुलिस और दमकल विभाग को सूचना दी।
इस हृदयविदारक हादसे में मनीषा (28 वर्ष), पल्लवी (6 वर्ष) और नयीमा (3 वर्ष) की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। तीनों की मौत की खबर मिलते ही पूरे गांव में कोहराम मच गया। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया, वहीं ग्रामीणों की आंखें भी नम हो गईं।
घटना की सूचना मिलते ही सेंदड़ा थाना पुलिस मौके पर पहुंची और हालात का जायजा लिया। वहीं ब्यावर से दमकल विभाग की टीम भी तत्काल घटनास्थल पर रवाना हुई। फायर अधिकारी ताराचंद के नेतृत्व में वाहन चालक कम बक्श तथा फायरमैन ईशु यादव और पंकज जायसवाल ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। हालांकि तब तक बहुत देर हो चुकी थी और तीनों की जान जा चुकी थी।
पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण कर मामले की जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक जांच में हादसे का कारण गैस लीकेज माना जा रहा है, हालांकि प्रशासन हर पहलू से जांच में जुटा हुआ है। हादसे के बाद स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश और दुख देखने को मिला। ग्रामीणों ने प्रशासन से पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता देने तथा सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने की मांग की है।
इस दर्दनाक हादसे ने एक बार फिर घरेलू गैस सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में गैस सिलेंडर और चूल्हों की नियमित जांच नहीं होने के कारण इस तरह की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि गांवों में गैस सुरक्षा को लेकर विशेष अभियान चलाया जाए ताकि भविष्य में ऐसे हादसों को रोका जा सके।