
ब्रेकिंग न्यूज़ | राजस्थान
जयपुर/सोजत।
राजस्थान सरकार ने जन आधार कार्ड से जुड़े नियमों में बड़ा और अहम बदलाव करते हुए नया “3D नियम” लागू कर दिया है। इस फैसले का सीधा असर लाखों नागरिकों पर पड़ेगा, खासकर उन लोगों पर जिनकी वैवाहिक स्थिति या पारिवारिक विवरण जन आधार में अपडेट किए जाते हैं।
क्या है नया 3D नियम?
सरकार द्वारा लागू किए गए इस नए नियम के तहत अब जन आधार में वैवाहिक स्थिति से जुड़े बदलाव बिना ठोस दस्तावेज़ के संभव नहीं होंगे।
नियमों में किए गए प्रमुख बदलाव
➡️ अविवाहित व्यक्ति को विवाहित दर्शाने के लिए अब विवाह प्रमाण-पत्र अनिवार्य होगा।
➡️ विवाहित महिला को पीहर (मायका) से हटाकर ससुराल में जोड़ने के लिए भी विवाह प्रमाण-पत्र जरूरी कर दिया गया है।
अब केवल मौखिक जानकारी या सामान्य आवेदन के आधार पर जन आधार में यह बदलाव नहीं किया जा सकेगा।
क्यों लिया गया यह फैसला?
सरकार का कहना है कि अब तक जन आधार में
गलत वैवाहिक स्थिति
फर्जी पारिवारिक जोड़-घटाव
सरकारी योजनाओं का गलत लाभ
जैसी शिकायतें लगातार सामने आ रही थीं। नया 3D नियम लागू होने से इन गड़बड़ियों पर रोक लगेगी और जन आधार को पूरी तरह विश्वसनीय दस्तावेज़ बनाया जा सकेगा।
सरकारी योजनाओं पर क्या होगा असर?
जन आधार कार्ड कई अहम योजनाओं से जुड़ा हुआ है, जैसे—
आयुष्मान भारत योजना
पेंशन योजनाएं
खाद्य सुरक्षा योजना
छात्रवृत्ति व सामाजिक सुरक्षा योजनाएं
गलत प्रविष्टियों के कारण पात्र व्यक्ति को लाभ नहीं मिल पाता था या अपात्र लोग लाभ उठा लेते थे। अब दस्तावेज़ आधारित सत्यापन से पारदर्शिता बढ़ेगी।
आम जनता को क्या सावधानी रखनी होगी?
विवाह के बाद विवाह प्रमाण-पत्र अवश्य बनवाएं
जन आधार अपडेट कराने से पहले सभी दस्तावेज़ पूरे रखें
किसी एजेंट या दलाल के बहकावे में न आएं
प्रशासन का संदेश
राज्य सरकार और प्रशासन ने साफ किया है कि यह नियम जनहित और पारदर्शिता को ध्यान में रखकर लागू किया गया है। भविष्य में जन आधार से जुड़े नियम और भी सख्त किए जा सकते हैं।
राजस्थान सरकार का यह फैसला जन आधार व्यवस्था को मजबूत बनाने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है। हालांकि, इससे लोगों को थोड़ी अतिरिक्त प्रक्रिया से गुजरना पड़ेगा, लेकिन लंबे समय में इससे फर्जीवाड़े पर रोक और सही लाभार्थियों को फायदा मिलेगा।



