✍️ वरिष्ठ पत्रकार ओमप्रकाश बोराणा
सोजत न्यूज़
सोजत। क्षेत्र के हरियामाली गांव में वर्षों से जर्जर और टूटी सड़कों के निर्माण की मांग को लेकर सोमवार को ग्रामीणों का आक्रोश खुलकर सामने आया। सड़क निर्माण में लगातार हो रही देरी से नाराज ग्रामीणों ने ग्राम पंचायत कार्यालय के बाहर धरना शुरू कर दिया और राज्य सरकार के ग्रामीण सेवा शिविर का बहिष्कार करते हुए विरोध प्रदर्शन किया।
धरने पर बैठे ग्रामीणों ने हाथों में तख्तियां लेकर प्रशासन और जनप्रतिनिधियों के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि गांव की मुख्य सड़कें पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुकी हैं, जिससे आमजन, किसान, स्कूली बच्चों और मरीजों को रोजाना भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। बरसात के मौसम में स्थिति और भी गंभीर हो जाती है तथा सड़कें कीचड़ और गड्ढों में तब्दील हो जाती हैं।
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि कई बार प्रशासन और जनप्रतिनिधियों को ज्ञापन देने के बावजूद अब तक सड़क निर्माण का कार्य शुरू नहीं किया गया। बार-बार केवल आश्वासन ही दिए गए, लेकिन धरातल पर कोई काम दिखाई नहीं दिया। इसी कारण मजबूर होकर उन्हें धरने का रास्ता अपनाना पड़ा।
धरने और सेवा शिविर के बहिष्कार की सूचना मिलते ही उपखंड अधिकारी मासिंगाराम जांगिड़ तथा तहसीलदार डॉ. दिलीपसिंह मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने ग्रामीणों से बातचीत कर उनकी समस्याएं सुनीं और सड़क निर्माण कार्य जल्द शुरू कराने का भरोसा दिलाया। अधिकारियों ने ग्रामीणों को आश्वस्त किया कि उनकी मांगों को प्राथमिकता के आधार पर संबंधित विभाग तक पहुंचाकर आवश्यक कार्रवाई कराई जाएगी।
इसके बाद अधिकारियों द्वारा ग्रामीणों से समझाइश का दौर जारी रहा। हालांकि समाचार लिखे जाने तक कई ग्रामीण अपने मांगों पर अड़े हुए थे और उनका कहना था कि जब तक सड़क निर्माण की स्पष्ट समय-सीमा और कार्य शुरू होने का ठोस आश्वासन नहीं मिलेगा, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।
ग्रामीणों के विरोध के कारण ग्राम पंचायत में आयोजित ग्रामीण सेवा शिविर भी प्रभावित रहा। बड़ी संख्या में ग्रामीण शिविर में शामिल नहीं हुए, जिससे कई सरकारी योजनाओं और सेवाओं का लाभ लेने वाले लोगों की उपस्थिति कम रही।
ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की कि गांव की जर्जर सड़कों का निर्माण शीघ्र शुरू कराया जाए ताकि लोगों को आवागमन में होने वाली परेशानी से राहत मिल सके। ग्रामीणों का कहना है कि विकास कार्यों में लापरवाही अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी और यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा।