मदनगंज-किशनगढ़। किशनगढ़ में फर्जी दस्तावेजों के आधार पर नगर परिषद से पट्टा जारी कराने के एक मामले में न्यायालय ने सख्त रुख अपनाया है। अतिरिक्त सिविल जज एवं न्यायिक मजिस्ट्रेट, किशनगढ़ ने प्रथम दृष्टया मामले को गंभीर मानते हुए आरोपी सुभाष चंद शर्मा निवासी मकराना के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच करने के आदेश पुलिस को दिए हैं। न्यायालय के इस आदेश के बाद मामले की जांच शुरू होने का रास्ता साफ हो गया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार परिवादी श्याम सुंदर सोमानी ने न्यायालय में प्रस्तुत परिवाद में बताया कि उन्होंने अपनी पुत्री आरुषि के नाम से एक भूखंड खरीदा था। आरोप है कि उक्त भूखंड से संबंधित फर्जी दस्तावेज, नक्शे एवं अन्य अभिलेख तैयार कर नगर परिषद से नियमों के विपरीत पट्टा जारी करा लिया गया। परिवादी का कहना है कि इस पूरे घटनाक्रम में दस्तावेजों के साथ धोखाधड़ी कर सरकारी रिकॉर्ड का दुरुपयोग किया गया।
परिवादी ने न्यायालय को बताया कि इस संबंध में उन्होंने पहले नगर परिषद किशनगढ़, पुलिस थाना किशनगढ़ तथा पुलिस अधीक्षक अजमेर को भी लिखित शिकायत देकर कार्रवाई की मांग की थी। हालांकि, शिकायतों के बावजूद जब कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई तो उन्हें न्यायालय की शरण लेनी पड़ी।
मामले की सुनवाई के दौरान परिवादी की ओर से अधिवक्ता रूपेश शर्मा ने न्यायालय में विस्तृत दलीलें प्रस्तुत कीं। अधिवक्ता ने न्यायालय को बताया कि उपलब्ध दस्तावेजों और तथ्यों के आधार पर मामले में धोखाधड़ी, फर्जी दस्तावेज तैयार करने और गलत तरीके से सरकारी पट्टा प्राप्त करने की आशंका स्पष्ट रूप से सामने आती है।
दोनों पक्षों के तथ्यों और प्रस्तुत सामग्री पर विचार करने के बाद अतिरिक्त सिविल जज एवं न्यायिक मजिस्ट्रेट, किशनगढ़ ने मामले को जांच योग्य मानते हुए संबंधित पुलिस को आरोपी के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कर निष्पक्ष जांच करने के निर्देश जारी किए हैं।
अब पुलिस न्यायालय के आदेश की पालना करते हुए मामले में प्राथमिकी दर्ज कर आरोपों की जांच करेगी। जांच के दौरान दस्तावेजों की सत्यता, नगर परिषद से पट्टा जारी होने की प्रक्रिया तथा संबंधित अधिकारियों की भूमिका सहित सभी पहलुओं की पड़ताल की जाएगी। जांच के निष्कर्षों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
नोट: फिलहाल यह मामला न्यायालय के आदेश पर दर्ज होने वाली प्राथमिकी और प्रारंभिक आरोपों से संबंधित है। आरोपों की पुष्टि पुलिस जांच के बाद ही होगी।
फर्जी दस्तावेजों से पट्टा जारी कराने का आरोप: कोर्ट के आदेश पर दर्ज होगा मुकदमा, पुलिस को जांच के निर्देश
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