बड़ी खबर। मेहंदी इंडस्ट्री पर सख्त कार्रवाई
2 मेहंदी कंपनियों के कोन अमानक घोषित, बिक्री पर रोक—ड्रग कंट्रोल विभाग का बड़ा एक्शन

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✍️ वरिष्ठ पत्रकार ओमप्रकाश बोराणा

जयपुर/सोजत। राजस्थान में मेहंदी और दवा बाजार को लेकर बड़ा खुलासा हुआ है। राजस्थान ड्रग कंट्रोल डिपार्टमेंट ने कार्रवाई करते हुए 2 मेहंदी कंपनियों के कोन को अमानक (सबस्टैंडर्ड) घोषित कर दिया है। जांच रिपोर्ट आने के बाद इन उत्पादों की बिक्री पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी गई है और बाजार से स्टॉक वापस मंगाने के निर्देश जारी किए गए हैं।

      जांच में क्या निकला सामने?

ड्रग कंट्रोल विभाग द्वारा 16 से 30 अप्रैल के बीच विभिन्न स्थानों से सैंपल लिए गए थे। जांच में चौंकाने वाले तथ्य सामने आए—

“पुष्प हिना” ब्रांड का मेहंदी कोन

“प्रेम दुल्हन फास्ट कलर” नाम से बिकने वाला कलर कोन

दोनों ही उत्पाद गुणवत्ता मानकों पर खरे नहीं उतरे।
खास बात यह रही कि कलर कोन में जो केमिकल तत्व बताए गए थे, उनमें से एक भी वास्तविक नहीं पाया गया, जिसके चलते सैंपल को पूरी तरह फेल घोषित कर दिया गया।

किन कंपनियों पर गिरी गाज?

पुष्प हिना प्रा. लि., सोजत (पाली)

मैसर्स प्रेम ग्रीन प्रा. लि., मारवाड़ जंक्शन (पाली)

इन दोनों फर्मों के उत्पादों पर रोक लगाते हुए विभाग ने साफ निर्देश दिए हैं कि बाजार में मौजूद स्टॉक तुरंत हटाया जाए।

💊 केवल मेहंदी ही नहीं, दवाइयां भी फेल

इस कार्रवाई में केवल मेहंदी ही नहीं बल्कि—

खांसी की सिरप

मिर्गी (एपिलेप्सी) की दवाइयां

एंटी एलर्जी मेडिसीन

भी जांच में अमानक पाई गई हैं, जिससे स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया है।

सोजत की मेहंदी इंडस्ट्री पर उठे सवाल

मेहंदी नगरी के रूप में प्रसिद्ध सोजत में वर्तमान में 70 से अधिक फैक्ट्रियां संचालित हो रही हैं, जहां बड़े स्तर पर मेहंदी कोन तैयार कर देशभर में सप्लाई किए जाते हैं।

लेकिन—

केवल 2 यूनिट्स पर ही कार्रवाई होने से सवाल खड़े हो रहे हैं

बाकी कंपनियों की गुणवत्ता जांच कब होगी, यह बड़ा मुद्दा बन गया है

अन्य राज्यों में भी धड़ल्ले से बिक्री

सूत्रों के अनुसार—
सोजत से तैयार होने वाले कई फास्ट कलर मेहंदी कोन अभी भी

राजस्थान

तेलंगाना

महाराष्ट्र

कर्नाटक

अन्य राज्यों

में बिना रोक-टोक के बेचे जा रहे हैं, जिससे उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य पर खतरा मंडरा रहा है।

      स्वास्थ्य विशेषज्ञों की चेतावनी

विशेषज्ञों का कहना है कि रासायनिक तत्वों से बने फास्ट कलर कोन लंबे समय तक उपयोग करने पर—

त्वचा रोग

एलर्जी

यहां तक कि कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों का खतरा भी बढ़ सकता है *बड़ा सवाल*

जब सोजत में दर्जनों फैक्ट्रियां चल रही हैं, तो सिर्फ 2 पर ही कार्रवाई क्यों
1, बाकी यूनिट्स की जांच कब होगी?
2, अन्य राज्यों में हो रही बिक्री पर कौन लगाएगा रोक?

प्रशासन की अगली कार्रवाई पर नजर

राजस्थान ड्रग कंट्रोल विभाग के ड्रग कंट्रोलर अजय फाटक ने साफ किया है कि आगे भी जांच अभियान जारी रहेगा और जो भी उत्पाद मानकों पर खरे नहीं उतरेंगे, उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

मेहंदी जैसे पारंपरिक और भरोसेमंद उत्पाद में मिलावट का यह मामला न केवल उद्योग की साख पर सवाल खड़ा करता है, बल्कि आम जनता की सेहत के लिए भी गंभीर खतरे की घंटी है। अब देखना होगा कि प्रशासन इस पर कितनी सख्ती दिखाता है और बाकी फैक्ट्रियों पर कब कार्रवाई होती है।

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