राकेश भटनागर सोजत न्यूज़
जयपुर। राजस्थान के लाखों किसानों से जुड़ी प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना को लेकर बड़ी खबर सामने आई है। योजना में फर्जीवाड़े और अपात्र लाभार्थियों के मामलों को रोकने के लिए सरकार अब किसान ID को महत्वपूर्ण पहचान के रूप में अनिवार्य करने की तैयारी में है। मुख्यमंत्री किसान सम्मान निधि की आगामी 26वीं किस्त से पहले यह व्यवस्था लागू किए जाने की दिशा में कदम बढ़ाए जा रहे हैं।
सरकार का उद्देश्य है कि किसान सम्मान निधि की राशि वास्तविक और पात्र किसानों तक ही पहुंचे तथा किसी भी तरह के फर्जी पंजीकरण या गलत तरीके से भुगतान पर प्रभावी रोक लगाई जा सके।
किसान ID बनेगी किसानों की पहचान
राजस्थान में कृषि योजनाओं को डिजिटल रूप से मजबूत करने के लिए किसान रजिस्ट्री और किसान ID पर विशेष जोर दिया जा रहा है। किसान ID को कृषि विभाग की विभिन्न किसान-केंद्रित योजनाओं में प्राथमिक पहचानकर्ता के रूप में अपनाया जा रहा है।
राज्य सरकार की ओर से कृषि विभाग में योजनाओं के बेहतर संचालन के साथ-साथ कृषि स्टैक के प्रभावी और समयबद्ध क्रियान्वयन के लिए समर्पित कृषि स्टैक आयुक्तालय स्थापित करने का भी निर्णय लिया गया है।
सहकारिता से कृषि विभाग में स्थानांतरण की तैयारी
राजस्थान में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना को सहकारिता विभाग से कृषि विभाग में स्थानांतरित करने की तैयारी भी की जा रही है। मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास की अध्यक्षता में हुई बैठक में इस संबंध में प्रस्ताव तैयार कर राज्य सरकार को भेजने का निर्णय लिया गया है।
इस बदलाव का उद्देश्य योजना के संचालन को कृषि विभाग के माध्यम से अधिक व्यवस्थित और किसान-केंद्रित बनाना माना जा रहा है।
फर्जीवाड़े ने बढ़ाई सरकार की चिंता
किसान सम्मान निधि योजना में पूर्व में अपात्र लोगों के नाम दर्ज होने और सरकारी राशि प्राप्त करने के मामले सामने आ चुके हैं। इसका एक उदाहरण मारवाड़ जंक्शन विधानसभा क्षेत्र से जुड़ा है, जहां योजना के तहत 13,858 अपात्र व्यक्तियों के आवेदन पंजीकृत पाए गए थे।
इन अपात्र लाभार्थियों ने अलग-अलग किश्तों के माध्यम से करीब 826.66 लाख रुपये की राशि प्राप्त कर ली थी। मामला सामने आने के बाद राशि की वसूली के आदेश भी जारी किए गए।
इसी तरह के मामलों को देखते हुए अब किसान ID आधारित व्यवस्था को मजबूत करने पर जोर दिया जा रहा है, ताकि लाभार्थी की पहचान, भूमि संबंधी जानकारी और सरकारी योजनाओं में उसके पंजीकरण को अधिक प्रभावी तरीके से जोड़ा जा सके।
87.44 लाख किसानों की किसान रजिस्ट्री पूरी
राजस्थान में किसान रजिस्ट्री को लेकर भी बड़ी प्रगति हुई है। अब तक प्रदेश में 87.44 लाख किसानों का किसान रजिस्ट्री में पंजीकरण पूरा हो चुका है। यह निर्धारित लक्ष्य का करीब 96.95 प्रतिशत बताया गया है।
इनमें से 49.46 लाख प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के लाभार्थी किसान सफलतापूर्वक किसान रजिस्ट्री से जुड़ चुके हैं।
सरकार का लक्ष्य है कि अधिक से अधिक पात्र किसान किसान ID से जुड़ें, जिससे उन्हें कृषि विभाग और सरकार की विभिन्न योजनाओं का लाभ लेने में आसानी हो सके।
15 सितंबर तक महत्वपूर्ण प्रक्रिया पूरी करने का लक्ष्य
कृषि आयुक्त नरेश गोयल के अनुसार कृषि विभाग की किसान-केंद्रित योजनाओं में किसान ID को प्राथमिक पहचानकर्ता के रूप में अपनाया जा चुका है।
इसके अलावा राजस्व मंडल को म्यूटेशन प्रक्रिया में आवेदक का आधार नंबर और किसान ID अनिवार्य रूप से दर्ज करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके लिए 15 सितंबर 2026 की समय-सीमा निर्धारित की गई है।
ऐसे में किसानों के लिए जरूरी है कि वे अपनी किसान रजिस्ट्री, आधार और बैंक खाते से जुड़ी जानकारी को सही रखें तथा जहां आवश्यक हो, वहां किसान ID संबंधी प्रक्रिया समय पर पूरी कर लें।
आखिर क्या है प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना?
प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना यानी PM-KISAN केंद्र सरकार की महत्वपूर्ण किसान कल्याण योजना है। इसके तहत पात्र भूमिधारी किसान परिवारों को सालाना 6,000 रुपये की आर्थिक सहायता दी जाती है।
यह राशि 2,000 रुपये की तीन समान किस्तों में सीधे पात्र किसानों के बैंक खातों में भेजी जाती है। यानी किसानों को प्रत्येक चार महीने के अंतराल पर एक किस्त मिलती है।
राजस्थान में किसानों को मिलती है अतिरिक्त सहायता
राजस्थान सरकार की मुख्यमंत्री किसान सम्मान निधि योजना केंद्र की PM-KISAN योजना के अतिरिक्त राज्य स्तर की सहायता है। इसके तहत पात्र किसानों को सालाना 3,000 रुपये अतिरिक्त दिए जाते हैं।
इस प्रकार पात्र किसान को केंद्र और राज्य की दोनों योजनाओं को मिलाकर कुल 9,000 रुपये प्रतिवर्ष की सहायता मिल सकती है।
किसानों के लिए क्या है सबसे जरूरी?
आगामी किस्तों को लेकर किसानों को अपनी जानकारी दुरुस्त रखना बेहद महत्वपूर्ण हो सकता है। किसान यह सुनिश्चित करें कि उनकी किसान रजिस्ट्री, किसान ID, आधार, बैंक खाते और भूमि संबंधी रिकॉर्ड में जानकारी सही हो।
सरकार की कोशिश अब यही है कि योजना का लाभ वास्तविक पात्र किसान तक पहुंचे और फर्जी या अपात्र लाभार्थियों को सरकारी सहायता का लाभ न मिल सके।
कुल मिलाकर राजस्थान के 87.44 लाख से अधिक पंजीकृत किसानों के लिए किसान ID व्यवस्था आने वाले समय में बेहद महत्वपूर्ण साबित होने वाली है। 26वीं किस्त से पहले नियमों में होने वाला यह बदलाव किसान सम्मान निधि के भुगतान को अधिक पारदर्शी और सुरक्षित बनाने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।





