
जयपुर/राजस्थान। राज्य सरकार ने दस्तावेजों की रजिस्ट्री प्रक्रिया को आधुनिक व सुगम बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण बदलाव किया है, लेकिन इसके साथ ही घर बैठे रजिस्ट्री करवाने का शुल्क अचानक कई गुना बढ़ा दिया गया है। अब यदि कोई व्यक्ति बिना कार्यालय गए अपने घर पर ही रजिस्ट्री करवाना चाहता है तो उसे पहले की तुलना में कहीं ज्यादा राशि खर्च करनी होगी। नए आदेशों के मुताबिक घर पहुंच सेवा शुल्क अब 4 से 20 गुना तक बढ़ा दिया गया है।
पहले इस सुविधा के लिए केवल 1000 रुपए शुल्क लिया जाता था, लेकिन अब 5,000 से 20,000 रुपए तक अतिरिक्त राशि देनी होगी। हालांकि सरकार ने कुछ विशेष परिस्थितियों को देखते हुए जेल में बंद कैदियों, दिव्यांगों व शारीरिक रूप से असमर्थ व्यक्तियों के लिए पुरानी दरें यथावत रखने का निर्णय लिया है।
🔹 नए नियम क्या कह रहे हैं?
सरकार की ओर से जारी संशोधित शुल्क सूची के अनुसार:
पहले घर बैठे रजिस्ट्री शुल्क ₹1000 था।
अब यह बढ़कर ₹5000 से ₹20,000 तक देना होगा।
सब-रजिस्ट्रार ऑफिस की सीमा के भीतर घर पर सेवा ली → ₹5,000 अतिरिक्त शुल्क
सब-रजिस्ट्रार क्षेत्र से बाहर लेकिन राजस्थान में घर → ₹10,000 अतिरिक्त शुल्क
राज्य से बाहर निवासी घर से रजिस्ट्री करवाना चाहें → ₹20,000 अतिरिक्त शुल्क
जेल में बंद व्यक्ति से शुल्क में कोई बढ़ोतरी नहीं, पहले की तरह ₹50 ही अतिरिक्त
दिव्यांग/असमर्थ व्यक्ति हेतु शुल्क ₹100 ही रहेगा, पूर्ववत नियम लागू
🔎 क्यों बढ़ाया गया शुल्क?
राजस्व विभाग के सूत्रों के अनुसार, बढ़ते डिजिटलीकरण, अधिकारियों के आवागमन, समय व संसाधन खर्च को देखते हुए शुल्क में संशोधन किया गया है। अब विभाग के कर्मचारी एवं अधिकारी व्यक्ति के निवास पर पहुंचकर जाँच, दस्तावेज सत्यापन और रजिस्ट्री की पूरी प्रक्रिया वहीं पूर्ण करेंगे।
🏠 आम जनता पर असर
नए नियमों से साधारण नागरिकों की जेब पर सीधा असर पड़ेगा। जहां पहले घर बैठे प्रक्रिया के लिए केवल नाममात्र अतिरिक्त राशि देनी होती थी, वहीं अब सुविधा का उपयोग करने पर हजारों रुपए खर्च होंगे।
हालांकि वृद्ध, दिव्यांग और असमर्थ लोगों को पुराने शुल्क से राहत मिलने से उन्हें बड़ी राहत मानी जा रही है।
सरकार का यह कदम डिजिटल और सुलभ सेवाओं की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है, मगर आम उपभोक्ताओं के लिए यह सुविधा अब काफी महंगी हो चुकी है। ऐसे में कई लोग संभवतः घर बैठे रजिस्ट्री की बजाय कार्यालय जाकर रजिस्ट्री करवाना सस्ता विकल्प मान सकते हैं।
✍️ सोजत न्यूज़ वरिष्ठ पत्रकार ओमप्रकाश बोराणा



