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सोजत न्यूज़ वरिष्ठ पत्रकार ओमप्रकाश बोराणा
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जयपुर/सोजत:
राजस्थान में शराब बिक्री से जुड़ी व्यवस्था में जल्द ही बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। राज्य सरकार की नई आबकारी नीति के तहत शराब दुकानों के संचालन समय को बढ़ाने का रास्ता साफ हो गया है। अब इस संबंध में निर्णय सरकार के बजाय आबकारी आयुक्त के स्तर से लिया जाएगा। माना जा रहा है कि शराब दुकानों को रात 10 बजे तक खोलने की अनुमति दी जा सकती है, जबकि फिलहाल प्रदेश में शराब की दुकानें शाम 8 बजे तक ही आधिकारिक रूप से खुली रहती हैं।
आबकारी आयुक्त को मिले अहम अधिकार
नई आबकारी नीति में सरकार ने शराब बिक्री से जुड़े कई महत्वपूर्ण अधिकार आबकारी आयुक्त को सौंप दिए हैं। इसके तहत—
शराब दुकानों के खुलने और बंद होने के समय में बदलाव
स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार निर्णय
रेस्टोरेंट और बार में शराब परोसने से जुड़े नियम
अब सीधे आबकारी आयुक्त के स्तर से तय किए जा सकेंगे। इससे प्रक्रिया में लचीलापन आएगा और निर्णय लेने में देरी नहीं होगी।
रात 8 बजे के बाद बंद शटर से बिकती है शराब
वर्तमान व्यवस्था में शराब की दुकानें शाम 8 बजे बंद हो जाती हैं, लेकिन इसके बाद भी बंद शटर के पीछे अवैध रूप से शराब बिक्री की शिकायतें सामने आती रही हैं।
कई मामलों में बाहरी राज्यों की शराब बिकने की आशंका रहती है
इससे न केवल कानून-व्यवस्था पर असर पड़ता है
बल्कि राज्य सरकार को राजस्व का नुकसान भी उठाना पड़ता है
सरकार का मानना है कि यदि दुकानों को आधिकारिक तौर पर रात 10 बजे तक खोलने की अनुमति दी जाती है, तो अवैध बिक्री पर लगाम लगेगी और टैक्स के जरिए राजस्व में बढ़ोतरी होगी।
राजस्व बढ़ाने की दिशा में बड़ा कदम
आबकारी विभाग के सूत्रों के अनुसार, शराब बिक्री राज्य के राजस्व का एक बड़ा स्रोत है। समय सीमा बढ़ने से—
उपभोक्ताओं को वैध रूप से शराब खरीदने का मौका मिलेगा
अवैध तस्करी और चोरी की बिक्री पर रोक लगेगी
सरकार को कर संग्रह में इजाफा होगा
इसी को ध्यान में रखते हुए नीति में यह बदलाव प्रस्तावित किया गया है।
रेस्टोरेंट-बार में BIO शराब परोसने की तैयारी
नई आबकारी नीति में एक और अहम बदलाव प्रस्तावित है। इसके तहत—
रेस्टोरेंट और बार में BIO शराब परोसने की अनुमति दी जा सकती है
इसके लिए भी आबकारी आयुक्त को अधिकृत किया गया है
BIO शराब को लेकर सरकार का मानना है कि इससे—
प्रीमियम और टूरिज्म सेक्टर को बढ़ावा मिलेगा
होटल और रेस्टोरेंट उद्योग को राहत मिलेगी
उपभोक्ताओं को नियंत्रित और लाइसेंसी माहौल में शराब उपलब्ध होगी
सामाजिक और प्रशासनिक संतुलन पर नजर
हालांकि समय बढ़ाने के फैसले को लेकर प्रशासनिक स्तर पर यह भी स्पष्ट किया गया है कि—
कानून-व्यवस्था
सामाजिक प्रभाव
और स्थानीय परिस्थितियों
को ध्यान में रखते हुए ही अंतिम निर्णय लिया जाएगा। हर जिले या क्षेत्र में एक समान नियम लागू करना जरूरी नहीं होगा।
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निष्कर्ष:
*राजस्थान की नई आबकारी नीति राज्य में शराब बिक्री व्यवस्था को अधिक पारदर्शी, नियंत्रित और राजस्व-केंद्रित बनाने की दिशा में बड़ा कदम मानी जा रही है। शराब दुकानों का समय बढ़ाने और BIO शराब को मंजूरी देने जैसे फैसले जहां एक ओर सरकार की आमदनी बढ़ा सकते हैं, वहीं अवैध बिक्री पर भी प्रभावी रोक लगाने में मददगार साबित हो सकते हैं। अब सभी की निगाहें आबकारी आयुक्त के स्तर से होने वाले अंतिम फैसले पर टिकी हैं।*



