✍️ वरिष्ठ पत्रकार ओमप्रकाश बोराणा
नई दिल्ली/ हैदराबाद,प्रधानमंत्री Narendra Modi ने वैश्विक युद्ध संकट, पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और लगातार बढ़ती ईंधन कीमतों के बीच देशवासियों से संयम और जिम्मेदारी दिखाने की अपील की है। 10 मई 2026 को दिए गए अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने कहा कि मौजूदा वैश्विक परिस्थितियों का असर भारत की अर्थव्यवस्था, विदेशी मुद्रा भंडार और आम लोगों की जिंदगी पर पड़ सकता है। ऐसे समय में हर नागरिक को राष्ट्रहित में छोटे-छोटे त्याग और बचत के कदम उठाने चाहिए।
प्रधानमंत्री मोदी ने लोगों से पेट्रोल, डीजल और गैस का कम से कम उपयोग करने, कारपूलिंग अपनाने, मेट्रो और सार्वजनिक परिवहन का ज्यादा इस्तेमाल करने तथा जरूरत पड़ने पर वर्क फ्रॉम होम को प्राथमिकता देने की अपील की। उन्होंने कहा कि भारत अपनी जरूरत का अधिकांश कच्चा तेल विदेशों से आयात करता है, ऐसे में ईंधन की बचत सीधे तौर पर देश के विदेशी मुद्रा भंडार को मजबूत करेगी।
“एक साल तक सोना न खरीदें” — पीएम मोदी
प्रधानमंत्री ने देशवासियों से एक साल तक सोने के आभूषण और अनावश्यक गोल्ड खरीदारी से बचने की भी अपील की। उन्होंने कहा कि भारत दुनिया के सबसे बड़े सोना आयात करने वाले देशों में शामिल है और हर साल अरबों डॉलर का विदेशी मुद्रा भंडार सोना खरीदने में खर्च हो जाता है। ऐसे में यदि लोग एक वर्ष तक सोने की खरीद सीमित कर दें, तो इससे देश की आर्थिक स्थिति को मजबूती मिलेगी।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि देश कठिन वैश्विक परिस्थितियों से गुजर रहा है और ऐसे समय में प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी बनती है कि वह राष्ट्रहित को प्राथमिकता दे। उन्होंने इसे “आत्मनिर्भर भारत” की दिशा में एक सामूहिक प्रयास बताया।
मेट्रो, कारपूलिंग और ऑनलाइन मीटिंग्स पर जोर
प्रधानमंत्री ने शहरों में रहने वाले लोगों से निजी वाहनों की बजाय मेट्रो और सार्वजनिक परिवहन का उपयोग करने की अपील की। उन्होंने कहा कि यदि जरूरी न हो तो कार का इस्तेमाल कम करें और कारपूलिंग को बढ़ावा दें। साथ ही कंपनियों और कार्यालयों से छोटी बैठकों के लिए वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग और ऑनलाइन मीटिंग्स अपनाने को कहा।
उन्होंने कोविड काल का उदाहरण देते हुए कहा कि उस समय वर्क फ्रॉम होम और डिजिटल मीटिंग्स ने ईंधन की बचत में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी और अब फिर से उन व्यवस्थाओं को अपनाने की जरूरत है।
विदेश यात्रा टालने की भी सलाह
प्रधानमंत्री मोदी ने लोगों से फिलहाल विदेशों में छुट्टियां मनाने या गैरजरूरी आयोजनों में शामिल होने के लिए विदेश यात्रा टालने की भी अपील की। उन्होंने कहा कि यदि लोग देश के भीतर पर्यटन को बढ़ावा देंगे तो इससे भारतीय अर्थव्यवस्था को भी फायदा होगा और विदेशी मुद्रा की बचत भी होगी।
बढ़ते वैश्विक संकट का असर
प्रधानमंत्री की यह अपील ऐसे समय में आई है जब पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष और ऊर्जा आपूर्ति संकट के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेजी देखी जा रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि हालात लंबे समय तक बने रहे तो भारत में पेट्रोल-डीजल और गैस की कीमतों पर भी असर पड़ सकता है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि यदि देशवासी अगले एक वर्ष तक थोड़ी सावधानी और संयम बरतें, तो भारत इस वैश्विक आर्थिक चुनौती का मजबूती से सामना कर सकता है और आत्मनिर्भरता की दिशा में और आगे बढ़ सकता है।