सांवलिया सेठ के भंडार से निकले 22 करोड़ 80 लाख 69 हजार 395 रुपये, पौने दो किलो सोना और एक क्विंटल चांदी भी मिली


✍️ वरिष्ठ पत्रकार ओमप्रकाश बोराणा
चित्तौड़गढ़।
वैश्विक आस्था के केंद्र प्रसिद्ध कृष्णधाम श्री सांवलियाजी मंदिर में श्रद्धालुओं की अटूट भक्ति एक बार फिर देखने को मिली है। मंदिर का भंडार खोले जाने पर रिकॉर्ड 22 करोड़ 80 लाख 69 हजार 395 रुपये की चढ़ावा राशि प्राप्त हुई है। इसके साथ ही भंडार से पौने दो किलो सोने के आभूषण और करीब एक क्विंटल चांदी भी निकली है। यह आंकड़े न केवल श्रद्धालुओं की आस्था को दर्शाते हैं, बल्कि मंदिर की आर्थिक समृद्धि का भी प्रमाण हैं।
चार चरणों में पूरी हुई गणना
श्री सांवलियाजी मंदिर मंडल की सीईओ एवं अतिरिक्त जिला कलेक्टर प्रभा गौतम ने जानकारी देते हुए बताया कि गुरुवार को ठाकुरजी का भंडार विधिवत रूप से खोला गया था। सुरक्षा और पारदर्शिता के मद्देनज़र चढ़ावा राशि की गणना चार चरणों में की गई।
पहला चरण (गुरुवार): 12 करोड़ 10 लाख रुपये
दूसरा चरण (शुक्रवार): 4 करोड़ 73 लाख 60 हजार रुपये
तीसरा चरण: 5 करोड़ 47 लाख 25 हजार रुपये
चौथा व अंतिम चरण (सोमवार): शेष राशि की गणना पूरी
चारों चरणों की गणना के बाद कुल चढ़ावा राशि 22 करोड़ 80 लाख 69 हजार 395 रुपये दर्ज की गई।
सोना-चांदी की भी भरपूर भेंट
नकद राशि के अलावा श्रद्धालुओं ने बड़ी संख्या में बहुमूल्य धातुएं भी अर्पित कीं। भंडार से पौने दो किलो सोने के आभूषण और लगभग एक क्विंटल चांदी प्राप्त हुई, जिसे मंदिर की संपत्ति में शामिल किया गया है।
सुरक्षा और पारदर्शिता के बीच गणना
पूरी प्रक्रिया मंदिर प्रशासन, पुलिस और संबंधित अधिकारियों की मौजूदगी में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के साथ पूरी की गई। मंदिर मंडल के अनुसार, चढ़ावे की राशि का उपयोग धार्मिक, सामाजिक और जनकल्याणकारी कार्यों में किया जाएगा।
आस्था का जीवंत प्रतीक
श्री सांवलियाजी मंदिर को “मेवाड़ का सेठ” कहा जाता है और हर बार भंडार खुलने पर निकलने वाली भारी राशि श्रद्धालुओं की अटूट आस्था और विश्वास का जीवंत प्रमाण बनती है। देश-विदेश से आने वाले भक्त अपनी मनोकामनाओं की पूर्ति के लिए यहां दिल खोलकर दान करते हैं।



