सोजत:सुरेश्वर महादेव मंदिर तीर्थ का कायाकल्प: सीसी सड़क व शेड निर्माण तेज, श्रद्धालुओं ने नाड़ी में गंदा पानी रोकने की उठाई मांग।

अकरम खान की रिपोर्ट।
सोजत।नगर के प्रमुख आस्था स्थल सुरेश्वर महादेव मंदिर तीर्थ, वागेलाव पाल, पर सीसी सड़क निर्माण का कार्य तेजी से चल रहा है इससे पूर्व यहां पर सपोर्ट दीवार का निर्माण कार्य पूर्ण किया गया। सुरेश्वर महादेव मंदिर तीर्थ से जुड़े चेतन व्यास ने बताया कि सुरेश्वर महादेव मंदिर तीर्थ में शीघ्र ही तीस बाई बीस का टीन शेड निर्माण कार्य आरंभ होने वाला है।
जन जन की आस्था से जुड़े इस स्थल का तीव्र गति से काया कल्प करने के प्रयास जारी हैं। श्री गुरु फूलनारायण आश्रम न्यास अध्यक्ष सुरेंद्र त्रिवेदी, वरिष्ठ नागरिक समिति अध्यक्ष सुरेश ओझा, हितेंद्र व्यास, गुरु फूलनारायण आश्रम न्यास कोषाध्यक्ष अशोक शर्मा, पार्षद जोगेश जोशी लक्की जोशी, आचार्य पंडित वीरेन्द्र दवे, धीरेन्द्र व्यास,पुजारी हरीश त्रिवेदी, गोपाल अवस्थी आदि द्वारा निरंतर सुरेश्वर महादेव मंदिर तीर्थ के चहुंमुखी विकास के लिए सुरेश्वर महादेव मंदिर तीर्थ के भक्तों को प्रेरित किया जा रहा है ।

उल्लेखनीय है कि सुरेश्वर महादेव मंदिर तीर्थ एक प्रमुख तपोस्थली हैं जहां विसं 1864 को सन्यास धारण करने के बाद अपने गुरू की आज्ञा से फूलनारायणजी ने सुरेश्वर महादेव परिसर में भगवान शंकर की साक्षी में ग्रीष्मकाल में अग्नि के पास बैठकर व शीतकाल में सुबह शाम शीतल जल के अन्दर खड़े रहकर लगातार 14 वर्षों तक घोर तपस्या कर सिद्धियों को प्राप्त कर समाज के कल्याण ने लग गये ।
सं० 1892 में मंदिर के पास कुँए का निर्माण करवाया। वहीं पर कक्ष व विश्राम शाला का निर्माण करवाकर तपस्या में लीन रहे ।बाद में कई महापुरूषों ने इस तपोभूमि पर तपस्या की। यहां पर एक जीवित समाधि सहीत कुल पांच समाधियां पहुँचवान पुरूषों की है ।
सावन मास में रुद्धाभिषेक एवं विशेष पूजा अर्चना की जाती है । वर्तमान समय में सुरेश्वर महादेव मंदिर तीर्थ की तलहटी में प्राचीन बागेलाव नाडी में नगर का गंदा पानी डाला जा रहा है जिससे आस-पास की भूमि बंजर हो रही हैं । इस नाडी से पानी पीकर प्यास बुझाने वाले सैकड़ों पक्षीयो एवं पशुधन के प्राण संकट में पड रहें हैं तथा इस नाड़ी के आस-पास अवैध बाड़े बनाकर अतिक्रमण किया जा रहा है ।
नगर के सभी श्रद्धालुओं ने उपखंड अधिकारी मासिंगा राम जांगिड़ से इस नाड़ी में गंदा पानी डालने पर रोक लगाने तथा आस-पास से अवैध बाड़े हटाने की मांग की है।



