सोजत की बाल प्रतिभा प्रगति पुरुषवाणी की अनूठी पहल, पीएम मोदी से की देशहित में चार बड़ी मांगें।

अकरम खान की रिपोर्ट।
सोजत। देशभक्ति की अलख जगाने वाली सोजत की होनहार बालिका प्रगति पुरुषवाणी ने एक बार फिर अपने विचारों और गायन से पूरे क्षेत्र को गौरवान्वित किया है। बिरला इंटरनेशनल स्कूल, सोजत में कक्षा चौथी की छात्रा प्रगति पुरुषवाणी ने अमर शहीद क्रांतिकारी श्री चन्द्रशेखर आजाद को राष्ट्र रत्न की उपाधि से सम्मानित करने की मांग करते हुए श्री नरेन्द्र मोदी को एक भावनात्मक अपील भेजी है।

बालिका ने प्रधानमंत्री से चार महत्वपूर्ण मांगें कि हैं—
1- शहीद श्री चन्द्रशेखर आजाद को राष्ट्र रत्न से सम्मानित किया जाए।
2- उनकी प्रेरणादायक जीवनी को देशभर के शैक्षणिक पाठ्यक्रम में शामिल किया जाए।
3- राष्ट्रीय राजमार्गों पर दुर्घटना स्थलों के पास की तहसीलों में श्री चन्द्रशेखर आजाद ब्लड बैंक स्थापित किए जाएं।
4- सभी नगर परिषदों, नगर पालिकाओं एवं ग्राम पंचायत स्तर पर श्री चन्द्रशेखर आजाद जिम एवं व्यायामशाला की स्थापना हो।

प्रगति ने इस विषय पर एक प्रेरणादायक वीडियो भी जारी किया है, जो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। उल्लेखनीय है कि प्रगति न केवल पढ़ाई में अव्वल है, बल्कि देशभक्ति गीतों और भजनो के माध्यम से राष्ट्रप्रेम की भावना को भी जन-जन तक पहुंचाती रहती है। हाल ही में गणतंत्र दिवस के अवसर पर उन्हें उपखंड स्तर पर सम्मानित भी किया जा चुका है।

अब 27 फरवरी 2026 को अमर शहीद श्री चन्द्रशेखर आजाद की 95वीं पुण्यतिथि के अवसर पर उन्हें राष्ट्ररत्न दिलाने हेतु सोजत की विभिन्न सामाजिक संस्थाओं द्वारा विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान में वरिष्ठ नागरिक समिति, पेंशनर समाज, चारण गढ़वी इंटरनेशनल फाउंडेशन, भारत विकास परिषद, सोजत सेवा मंडल, सोशल वेलफेयर सोसायटी, मानव सेवा समिति, एक पहल आपकी सेवा, एक कदम सेवा की ओर सहित अनेक संगठनों के पदाधिकारी सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं।

अभियान में सुरेश ओझा, लालचंद मोयल, अनोपसिंह लखावत, नाहर सिंह राठौड़, पुष्पत राज मुणोत, चेतन व्यास, रामस्वरूप भटनागर, देवी लाल सांखला, हितेंद्र व्यास, ताराचंद सैनी, गोरधन लाल गहलोत, श्यामलाल व्यास, ड़ा रशीद गौरी, सत्तू सिंह भाटी, अशोक सैन, शंकर पारीक, जवरीलाल बौराणा, राजेश अग्रवाल, मोहनलाल राठौड़, चुन्नीलाल बोस सहित अनेक गणमान्य लोग शामिल हैं।
सोजत की इस बाल प्रतिभा की पहल न केवल प्रेरणादायक है, बल्कि यह आने वाली पीढ़ी में देशभक्ति, समाजसेवा और राष्ट्र निर्माण की भावना को मजबूत करने का सशक्त उदाहरण भी बन गई है।



