सोजत नगर में गेहूं-चना कटाई की मजदूरी बढ़ी, किसान परेशान — प्रति मजदूर ₹1200 प्रतिदिन

*सोजत न्यूज़ वरिष्ठ पत्रकार ओमप्रकाश बोराणा*
सोजत नगर (पाली): क्षेत्र में रबी फसलों की कटाई का सीजन शुरू होते ही मजदूरी दरों में तेज बढ़ोतरी देखने को मिल रही है। सोजत नगर और आसपास के ग्रामीण इलाकों में गेहूं और चना की कटाई के लिए मजदूरों की कमी के कारण मजदूरी दर बढ़कर ₹1200 प्रति मजदूर प्रतिदिन तक पहुंच गई है। मजदूरी में इस बढ़ोतरी से किसान वर्ग खासा परेशान नजर आ रहा है।
मजदूरों की कमी से बढ़ी मजदूरी
किसानों के अनुसार इस समय गेहूं और चना की फसल पककर तैयार हो चुकी है और कटाई का काम तेजी से चल रहा है। लेकिन गांवों में मजदूरों की कमी के कारण मजदूरी दरें लगातार बढ़ रही हैं। पहले जहां मजदूरों को ₹600 से ₹800 प्रतिदिन तक मजदूरी मिलती थी, वहीं अब यह बढ़कर ₹1200 प्रतिदिन हो गई है।
किसानों का कहना है कि मजदूर कम होने और कटाई का समय सीमित होने के कारण उन्हें मजबूरी में बढ़ी हुई मजदूरी पर मजदूर लगाने पड़ रहे हैं।
किसानों पर बढ़ा आर्थिक बोझ
मजदूरी बढ़ने से किसानों की लागत में काफी इजाफा हो गया है। एक किसान ने बताया कि एक खेत की कटाई में कई मजदूरों की जरूरत पड़ती है। ऐसे में यदि एक मजदूर को ₹1200 देना पड़ रहा है, तो कुल खर्च काफी ज्यादा हो जाता है।
किसानों का कहना है कि पहले ही खेती में खाद, बीज, डीजल और सिंचाई का खर्च बढ़ चुका है। अब मजदूरी बढ़ने से खेती और भी महंगी होती जा रही है।
मशीनों की ओर बढ़ रहा रुझान
मजदूरी दर बढ़ने के कारण कुछ किसान अब कटाई के लिए कंबाइन मशीन या अन्य आधुनिक उपकरणों का सहारा लेने की कोशिश कर रहे हैं। हालांकि छोटे किसानों के लिए मशीनों का खर्च भी आसान नहीं है।
प्रशासन से राहत की उम्मीद
किसानों ने सरकार और प्रशासन से मांग की है कि खेती की लागत कम करने के लिए उचित कदम उठाए जाएं और मजदूरों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए योजनाएं बनाई जाएं। किसानों का कहना है कि अगर मजदूरी इसी तरह बढ़ती रही तो छोटे और मध्यम किसानों के लिए खेती करना मुश्किल हो सकता है।
कुल मिलाकर सोजत क्षेत्र में गेहूं और चना की कटाई के दौरान मजदूरी दरों में आई इस बढ़ोतरी ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है और खेती की लागत पर इसका सीधा असर पड़ रहा है।



