
फाइल फोटो
सोजत–रेन्द्रड़ी रोड पर बेकाबू बजरी ट्रैक्टर बन रहे मौत का कारण
तेज रफ्तार, ओवरलोडिंग और प्रशासनिक चुप्पी से हर दिन मंडरा रहा हादसे का खतरा
सोजत न्यूज़ | वरिष्ठ पत्रकार: ओमप्रकाश बोराणा
सोजत।
सोजत–रेन्द्रड़ी रोड इन दिनों आमजन के लिए सबसे खतरनाक मार्गों में तब्दील होता जा रहा है। इस सड़क पर तेज रफ्तार से दौड़ते बजरी से भरे ट्रैक्टर लगातार हादसों को न्योता दे रहे हैं। दिन हो या रात, बिना किसी डर और नियंत्रण के बजरी परिवहन किया जा रहा है, जिससे स्थानीय नागरिकों में भय और आक्रोश दोनों व्याप्त हैं। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि इस गंभीर समस्या पर जिम्मेदार प्रशासन आंखें मूंदे बैठा है।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि सोजत तहसील में तैनात खनन विभाग के अधिकारी मोटी रकम लेकर अवैध बजरी परिवहन पर मौन साधे हुए हैं। धरले से हो रहा बजरी परिवहन पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है। रात के अंधेरे में ट्रैक्टर चालक बेखौफ होकर नगर और ग्रामीण इलाकों से होकर तेज रफ्तार में बजरी ढोते नजर आते हैं, जिससे सड़क पर चलने वाला हर व्यक्ति असुरक्षित महसूस कर रहा है।
तेज गति और ओवरलोडिंग के चलते अब तक कई मवेशी और बेसहारा पशु इन ट्रैक्टरों की चपेट में आ चुके हैं। कई स्थानों पर पशुओं की मौके पर ही मौत हो चुकी है, वहीं कई गंभीर रूप से घायल हुए हैं। सड़क किनारे बिखरा खून और दुर्घटनाओं के निशान इस मार्ग की भयावह स्थिति को साफ बयां करते हैं। दोपहिया वाहन चालक, पैदल राहगीर, बुजुर्ग, महिलाएं और स्कूली बच्चे सबसे ज्यादा खतरे में हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि ट्रैक्टर चालकों में न तो कानून का डर है और न ही किसी कार्रवाई की आशंका। न हेल्पर, न संकेतक, न ही गति नियंत्रण—सभी नियमों को ताक पर रखकर ट्रैक्टर दौड़ाए जा रहे हैं। कई बार तो आम लोगों को सड़क से हटकर अपनी जान बचानी पड़ती है। इसके बावजूद न पुलिस की नियमित गश्त नजर आती है और न ही परिवहन या खनन विभाग द्वारा कोई ठोस कार्रवाई की जा रही है।
स्थानीय नागरिकों और जनप्रतिनिधियों ने कई बार प्रशासन को इस समस्या से अवगत कराया, लेकिन हर बार आश्वासन के अलावा कुछ भी हासिल नहीं हुआ। प्रशासन की यह चुप्पी कहीं न कहीं बड़े हादसे की भूमिका तैयार कर रही है।
अब क्षेत्रवासियों ने मांग की है कि सोजत–रेन्द्रड़ी रोड पर बजरी परिवहन करने वाले ट्रैक्टरों पर तुरंत सख्त कार्रवाई की जाए। ओवरलोडिंग पर पूर्ण प्रतिबंध लगे, तेज रफ्तार ट्रैक्टरों को जब्त किया जाए और दोषी चालकों व संबंधित अधिकारियों पर भी कार्रवाई हो। साथ ही सड़क पर नियमित पुलिस गश्त और निगरानी व्यवस्था लागू की जाए।
यदि समय रहते प्रशासन ने इस गंभीर मुद्दे पर ध्यान नहीं दिया, तो आने वाले दिनों में यह मार्ग किसी बड़े और दर्दनाक हादसे का गवाह बन सकता है, जिसकी पूरी जिम्मेदारी संबंधित विभागों की होगी।



