सोजत: मात्र साढ़े चार साल के मोहम्मद अशरफ छिपा ने रखा पहला रोजा, परिवार में छाई खुशी

अकरम खान की रिपोर्ट।
सोजत। रमजान के पवित्र माह में इबादत और त्याग की भावना के बीच शहर में एक नन्हे बच्चे की आस्था ने सभी का दिल जीत लिया। मात्र 4 वर्ष 5 माह के मोहम्मद अशरफ वल्द मोहम्मद अशफाक छिपा ने अपना पहला रोजा रखकर परिवार सहित मोहल्ले और परिचितों को खुशी से भर दिया। इतनी छोटी उम्र में रोजा रखने की उसकी लगन और उत्साह को देखकर हर कोई उसकी सराहना कर रहा है।

नन्हे अशरफ के दादा जी मोहम्मद रमज़ान छिपा ने बताया कि मोहम्मद अशरफ ने सुबह परिवार के साथ उठकर सहरी की और पूरे उत्साह के साथ अपना पहला रोजा रखा। नन्हे अशरफ की इस धार्मिक भावना को देखकर परिवार के सभी सदस्य बेहद खुश और गौरवान्वित महसूस कर रहे हैं।
घर में इस अवसर पर खुशी का माहौल बन गया। परिवार के सदस्यों ने नन्हे अशरफ को दुआएं दीं और उसकी हौसला अफजाई की। रोजा रखने की खुशी में परिवार की ओर से मोहल्ले और रिश्तेदारों में मिठाइयां भी बांटी गईं।

इस खुशी के मौके पर अशरफ के दादा मोहम्मद रमज़ान, दादी शहनाज़ बानो, पिता मोहम्मद अशफाक, माता शाहिस्ता बानो, चाचा मोहम्मद अफजल और मोहम्मद सोहेल, बड़े दादा मोहम्मद अय्यूब तथा मोहम्मद यासीन सहित पूरे परिवार ने प्रसन्नता व्यक्त की और नन्हे अशरफ के उज्ज्वल भविष्य के लिए दुआ की।
परिवार और मोहल्ले के लोगों का कहना है कि इतनी कम उम्र में रोजा रखना न केवल धार्मिक संस्कारों का प्रतीक है, बल्कि यह बच्चों में बचपन से ही इबादत और अनुशासन की भावना को भी मजबूत करता है। नन्हे अशरफ की इस पहल को परिजनों,रिश्तेदारो और मोहल्लेवासियो ने खुब सराहा और अशरफ को दुआओ से नवाज़ा।



