सोजत में नेशनल हाईवे नोटिस पर बढ़ा विरोध, ‘सोजत बचाओ संघर्ष समिति’ का हुआ गठन।

अकरम खान की रिपोर्ट।
सोजत। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) की परियोजना इकाई जोधपुर द्वारा सोजत के अनेक नागरिकों को नोटिस जारी किए जाने से नगर में एक बार फिर चिंता और असमंजस की स्थिति बन गई है। करीब 17 वर्ष पहले वर्ष 2009 में उठे इसी मुद्दे को लेकर अब फिर से लोगों में आक्रोश देखने को मिल रहा है।
इस संबंध में शनिवार दोपहर स्थानीय जैकल माता मंदिर परिसर में प्रभावित परिवारों की एक बैठक आयोजित की गई। बैठक में समस्या के समाधान के लिए सर्वसम्मति से “सोजत बचाओ संघर्ष समिति” का गठन किया गया।

बैठक में निर्णय लिया गया कि जिन नागरिकों को प्राधिकरण की ओर से नोटिस मिले हैं, वे अपने दस्तावेजी साक्ष्यों के साथ लिखित ज्ञापन तैयार कर जिला कलेक्टर पाली के यहां गठित समिति को शीघ्र भेजेंगे। साथ ही संघर्ष समिति की ओर से संयुक्त रूप से केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नीतिन गडकरी, सांसद पी.पी. चौधरी, जिले के मंत्रियों तथा एनएचएआई के अधिकारियों को भी ज्ञापन भेजा जाएगा और व्यक्तिगत रूप से भी सौंपा जाएगा।

बैठक में वक्ताओं ने बताया कि वर्ष 2009-2011 के दौरान शहर के बीच से नेशनल हाईवे निकालने का जब विरोध हुआ था, तब प्राधिकरण ने दूसरे चरण में हाईवे को बाईपास के रूप में शहर के बाहर ले जाने का प्रस्ताव लाने का आश्वासन दिया था। इसी भरोसे पर उस समय आंदोलन समाप्त किया गया था।
लोगों का कहना है कि सोजत नगरपालिका क्षेत्र में स्थित आवासीय मकान, मंदिर, दुकानें, होटल, कॉम्प्लेक्स और अस्पताल कई वर्षों से बने हुए हैं और इनमें किसी प्रकार का अतिक्रमण नहीं है। इसके बावजूद नोटिस जारी कर इन्हें हटाने की कार्रवाई की आशंका से नागरिकों में रोष है। उनका आरोप है कि इससे लोगों की रोजी-रोटी पर संकट आएगा और धार्मिक भावनाएं भी आहत होंगी।

धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण जैकल माता मंदिर, विश्वकर्मा मंदिर और इच्छापूर्ण बालाजी मंदिर को भी नोटिस दिए जाने की जानकारी से आमजन में नाराजगी बढ़ गई है। लोगों ने चेतावनी दी कि यदि समस्या का समाधान नहीं हुआ तो यह विरोध आंदोलन का रूप ले सकता है। साथ ही उपखंड अधिकारी सोजत को भी ज्ञापन देने का निर्णय लिया गया।
बैठक में जुगल किशोर निकुंम, अमित कच्छवाह, आनंद भाटी (एडवोकेट), बालमुकुंद गहलोत, केवलचंद सांखला, प्रकाश सांखला, तरुण सांखला, जोगेश जोशी, मानवेन्द्र भाटी (एडवोकेट), सुनील टॉक,बालमुकुंद गेहलोत, विकास गहलोत, कुणाल सहित सैकड़ों लोग मौजूद रहे।



