सोजत के समाजसेवी लखावत कि पहल बनी मिसाल: सरकार के राष्ट्रीय HPV टीकाकरण अभियान से पहले ही 122 बेटियों को HPV वैक्सीन से दी सुरक्षा।

अकरम खान की रिपोर्ट।
सोजत। देशभर में किशोरियों को सर्वाइकल कैंसर से बचाने के लिए भारत सरकार जल्द ही राष्ट्रव्यापी टीकाकरण अभियान शुरू करने जा रही है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के सूत्रों के अनुसार, इस महीने के अंत तक 14 वर्ष तक की लड़कियों को ‘ह्यूमन पैपिलोमा वायरस’ (एचपीवी) वैक्सीन की मुफ्त सिंगल डोज दी जाएगी। अभियान के तहत हर वर्ष लगभग 1.15 करोड़ किशोरियों को टीका लगाने का लक्ष्य रखा गया है।

शुरुआती दो वर्षों तक ‘गार्डसिल’ वैक्सीन का उपयोग किया जाएगा। ‘गैवी वैक्सीन गठबंधन’ के माध्यम से भारत को 2.6 करोड़ खुराकें मिलनी हैं, जिनमें से करीब एक करोड़ खुराक देश में पहुंच चुकी हैं। वहीं, सीरम इंस्टीट्यूट के स्वदेशी टीके ‘सर्वावैक’ को अभी विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) की मंजूरी मिलना बाकी है।

सरकार द्वारा इस महत्वपूर्ण पहल की घोषणा से पहले ही सोजत क्षेत्र में एक सराहनीय सामाजिक प्रयास मिसाल बन चुका है। क्षेत्र के भामाशाह एवं समाजसेवी श्री अनोप सिंह लखावत-(अध्यक्ष चारण गढ़वी इंटरनेशनल फाउंडेशन – सोशियो) की दूरदर्शी सोच और उनकी टीम के जोनल अध्यक्ष- ओमप्रकाश उजवल,सचिव-सरदारसिंह सांदु,महेंद्रसिंह खिड़िया,महेंद्रसिंह बारठ,देशराज अखावत,जि.अध्यक्ष महिपालसिंह लखावत, एम.डी.राजाभाई रुड़ाच,ड़ा सुमन कविया,जनक कंवर,प्रकाश कंवर के सक्रिय सहयोग के चलते समाज की 122 बेटियों को चारण गढ़वी इन्टरनेशनल फाउंडेशन के बैनर तले एचपीवी वैक्सीन की निशुल्क सुविधा उपलब्ध करावाई जा चूकी है। उनके सहयोग से क्षेत्र में तीन विशेष शिविर आयोजित कर बालिकाओं को वैक्सीन की तीनों डोज लगवाई गईं, जिससे उन्हें इस गंभीर बीमारी से भविष्य में सुरक्षा मिल सके।

इस पहल को समाज में व्यापक सराहना मिली है। समाजबंधुओं सहित सोजत के गणमान्य नागरिकों ने श्री अनोपसिंह लखावत की दूरदर्शिता और जनहितैषी सोच की प्रशंसा करते हुए उनका आभार व्यक्त किया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह पहल न केवल स्वास्थ्य जागरूकता बढ़ाने में महत्वपूर्ण साबित हुई है, बल्कि बेटियों के सुरक्षित भविष्य की दिशा में एक प्रेरणादायक कदम भी है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, एचपीवी वैक्सीन सर्वाइकल कैंसर की रोकथाम में अत्यंत प्रभावी मानी जाती है। ऐसे में सरकारी अभियान और समाजसेवियों की पहल मिलकर देश की लाखों बेटियों को इस गंभीर बीमारी से बचाने में बड़ी भूमिका निभा सकती है।




