सोजत: श्रीमैढ़ क्षत्रिय स्वर्णकार समाज ने मनाया फागुनी उत्सव: समाज की महिलाओं ने फूलों से खेली होली, भजनों की स्वर लहरियों पर झूमी मातृशक्ति

अकरम खान की रिपोर्ट।
सोजत। श्रीमैढ़ क्षत्रिय स्वर्णकार समाज भवन के जीर्णोद्धार एवं मूर्ति स्थापना के तीन दिवसीय समारोह के दूसरे दिन गुरुवार को आयोजित फाग महोत्सव में उत्साह, उमंग और भक्ति का अद्भुत संगम देखने को मिला।

फागुनी माहौल में गूंजते पारंपरिक फागुनी गीतों — फागुन आयो रे, आज बिरज में होली रे रसिया, और रंग बरसे भीगे चुनर वाली की स्वर लहरियों पर महिलाओं ने जमकर नृत्य किया और फूलों की होली खेलते हुए पूरे वातावरण को रंग-रस से सराबोर कर दिया।
महोत्सव में सरोज जांगलवा, संगीता, मंजू, कोशलिया, अनिता, सुमन, महिमा, रानू, अम्बिका, कृष्णा, दीपिका, सूरज, काजल, विदुषी, प्रवीणा, ललिता, मीनाक्षी, ज्योति, सलोनी कुकरा सहित समाज की बड़ी संख्या में महिलाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। पारंपरिक वेशभूषा और लोकगीतों की मधुर ताल पर झूमती महिलाओं ने कार्यक्रम को जीवंत बना दिया।

कार्यक्रम की शुरुआत प्रातः वैदिक मंत्रोच्चार के बीच यज्ञ-पूजन से हुई। इसके पश्चात समाज भवन के नव निर्मित कमरों एवं हॉल का विधिवत लोकार्पण किया गया। समाजजनों ने भवन के जीर्णोद्धार को सामूहिक एकता और सहयोग का प्रतीक बताया।

रात्रि में स्थानीय कलाकार महेश चौहान द्वारा भजन संध्या का आयोजन किया गया, जिसमें प्रस्तुत भजनों ने श्रद्धालुओं को भक्ति रस सराबोर कर दिया। श्रोतागण देर रात तक भजनों का आनंद लेते रहे। इससे पूर्व बुधवार रात्रि को सुंदरकांड पाठ का आयोजन हुआ, जिसमें सोजत रोड के गायक पीयूषजी त्रिवेदी ने भावपूर्ण भक्ति प्रस्तुतियां दीं।
समारोह में समाज अध्यक्ष नारायणलाल अग्रोया, उपाध्यक्ष दीनदयाल, सह सचिव नरेश कुकरा, कोषाध्यक्ष दिनेश जांगलवा, प्राण प्रतिष्ठा समिति अध्यक्ष दलपत्तराज जांगलवा,सचिव राजमल अग्रोया,अशोक धूपड़ सहित सुभाष सोनी, पारस सोनी, संजय सोनी और जगदीश सोनी उपस्थित रहे।

बड़ी संख्या में स्वर्णकार समाज के नागरिकों और मातृशक्ति की सहभागिता से पूरा परिसर भक्तिमय और उत्सवमय बना रहा। आयोजन ने सामाजिक एकता, सांस्कृतिक परंपराओं और सामूहिक सहभागिता की सुंदर मिसाल प्रस्तुत की।



