सोजत: सत्संग से जीवन में आता है सकारात्मक परिवर्तन – संत लक्षा नन्द महाराज।

अकरम खान की रिपोर्ट।
सोजत। नगर के मेला चौक स्थित बाबा रामदेव मंदिर में चल रहे श्री भागवत कथा एवं आध्यात्मिक सत्संग समारोह में श्रद्धालुओं की आस्था उमड़ रही है। वेदांत केसरी स्वामी मुक्तानंद महाराज की बरसी के उपलक्ष में तथा संत मोहन राम महाराज के सानिध्य में आयोजित इस चार दिवसीय कार्यक्रम में कथा वाचक संत लक्षा नन्द महाराज ने अपने प्रवचनों से सभी को भाव-विभोर कर दिया।

संत लक्षा नन्द महाराज ने कहा कि सत्संग मनुष्य के जीवन को बदलने की शक्ति रखता है। सत्संग के माध्यम से व्यक्ति के विचार शुद्ध होते हैं और जीवन में सकारात्मक दिशा मिलती है। उन्होंने कहा कि दान सदैव गुप्त होना चाहिए और भक्ति निष्काम भाव से करनी चाहिए।

अपने प्रवचन में उन्होंने शबरी, नरसी मेहता और मीराबाई जैसे महान संतों का उदाहरण देते हुए बताया कि सच्ची भक्ति के माध्यम से ही ईश्वर की प्राप्ति संभव है।
कार्यक्रम के अंतर्गत रामनवमी के अवसर पर धी नावास रोड स्थित हनुमान बगेची में संत मोहन राम महाराज के सानिध्य में राम दरबार की मूर्तियों की स्थापना की गई। वहीं रविवार सायंकाल स्वामी मुक्तानंद महाराज की मूर्ति स्थापना भी श्रद्धापूर्वक संपन्न हुई।

समारोह में जोधपुर के विश्व गुरु रामानंद महाराज, पानी बाई कारोलिया, अजमेर के पूर्णानंद महाराज, मदन दास महाराज, गोरियावास के गोपीराम महाराज, भीलवाड़ा के कृष्णानंद जी महाराज एवं राधेश्याम महाराज सहित संत वचना राम राठौर सोजत सहित अनेक संत-महात्माओं ने भाग लेकर कार्यक्रम की गरिमा बढ़ाई।
कार्यक्रम के सफल आयोजन में गिरधारी लाल बोस, रुपाराम, पुरुषोत्तम (जय गुरुदेव), प्रकाश परिहार, लक्ष्मण परिहार, हस्तीमल परिहार सहित अनेक कार्यकर्ताओं का सराहनीय योगदान रहा।



