

बाड़मेर।
राजस्थान के बाड़मेर जिले से ब्लैकमेलिंग और साइबर अपराध का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां एक युवती ने एक वकील को गुप्त रूप से अश्लील वीडियो बनाकर उसे वायरल करने और रेप केस में फंसाने की धमकी देकर मोटी रकम ऐंठने की कोशिश की। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए युवती और उसके एक साथी को गिरफ्तार कर लिया है।
होटल में सहमति से मुलाकात, चुपके से बना लिया वीडियो
जानकारी के अनुसार, बाड़मेर निवासी एक वकील की पहचान प्रियंका नाम की युवती से हुई। दोनों की मुलाकात एक होटल में हुई, जहां आपसी सहमति से संबंध बने। इसी दौरान युवती ने बिना जानकारी के पूरे घटनाक्रम का वीडियो रिकॉर्ड कर लिया।
होटल से निकलते ही व्हाट्सएप पर मिला वीडियो
वकील होटल से निकल ही रहे थे कि उनके व्हाट्सएप पर वही अश्लील वीडियो भेज दिया गया। वीडियो देखते ही वकील के होश उड़ गए। इसके तुरंत बाद युवती ने वकील को कॉल कर धमकी दी कि—
“अगर यह वीडियो किसी और तक पहुंचा या मैंने तुम पर रेप का केस कर दिया, तो तुम्हारी जिंदगी बर्बाद हो जाएगी। इससे बचना है तो एक घंटे में 40 लाख रुपए लेकर इसी होटल में आ जाओ।”
डर के बावजूद दिखाई समझदारी
अचानक मिली धमकी से वकील घबरा गए, लेकिन कुछ देर बाद उन्होंने हिम्मत और समझदारी से काम लिया। ब्लैकमेलरों के जाल में फंसने के बजाय वह सीधे बाड़मेर पुलिस अधीक्षक (SP) कार्यालय पहुंचे और पूरे मामले की लिखित शिकायत दी।
SP के निर्देश पर बनी विशेष टीम
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक ने तुरंत एक विशेष टीम का गठन किया। शिकायत मिलते ही पुलिस ने योजनाबद्ध तरीके से कार्रवाई करते हुए कुछ ही घंटों में प्रियंका और उसके एक साथी को गिरफ्तार कर लिया।
दो दिन का पुलिस रिमांड, कई और पीड़ितों की आशंका
पुलिस ने आरोपियों को कोर्ट में पेश किया, जहां से दो दिन का पुलिस रिमांड मंजूर किया गया है। पूछताछ में यह भी आशंका जताई जा रही है कि—
यह कोई एकल मामला नहीं हो सकता
युवती और उसका साथी अन्य लोगों को भी इसी तरह ब्लैकमेल कर चुके हों
मोबाइल फोन, वीडियो और डिजिटल लेन-देन से जुड़े महत्वपूर्ण सबूत बरामद हो सकते हैं
पुलिस का सख्त संदेश
बाड़मेर पुलिस का कहना है कि इस तरह के मामलों में डरने के बजाय तुरंत पुलिस से संपर्क करें। ब्लैकमेलिंग, जबरन वसूली और फर्जी रेप केस की धमकी देना गंभीर अपराध है, जिसमें कठोर सजा का प्रावधान है।
बड़ा सवाल
यह मामला न सिर्फ कानून व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है, बल्कि समाज को भी यह सोचने पर मजबूर करता है कि डिजिटल युग में भरोसे और निजता का दुरुपयोग किस हद तक किया जा सकता है।
फिलहाल पुलिस पूरे नेटवर्क की जांच में जुटी है और आने वाले दिनों में इस मामले में और खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।



