सोजत न्यूज़ वरिष्ठ पत्रकार ओमप्रकाश बोराणा
12 जून से 15 जुलाई तक पूरे राजस्थान में लगेंगे शहरी सेवा शिविर, पट्टों, फ्री-होल्ड और नियमन में बड़ी राहत; शुल्क व प्रीमियम में 100% तक की छूट
नगर निकाय चुनाव से पहले सरकार का बड़ा फैसला, एक ही स्थान पर मिलेंगी दर्जनों नागरिक सुविधाएं; लंबित मामलों का होगा मौके पर निस्तारण
जयपुर। राज्य सरकार ने प्रदेश के शहरी नागरिकों को बड़ी राहत देते हुए 12 जून से 15 जुलाई 2026 तक पूरे राजस्थान में शहरी सेवा शिविर-2026 आयोजित करने की घोषणा की है। यह अभियान सभी नगर निगम, नगर परिषद, नगर पालिका, विकास प्राधिकरण, नगर सुधार न्यास (यूआईटी) तथा हाउसिंग बोर्ड क्षेत्रों में संचालित किया जाएगा। इन शिविरों में वर्षों से लंबित भूमि, पट्टा, फ्री-होल्ड, नामांतरण और भवन स्वीकृति जैसे मामलों का त्वरित निस्तारण किया जाएगा, जिससे आम लोगों को सरकारी कार्यालयों के चक्कर लगाने से राहत मिलेगी।
सरकार ने इस बार अभियान को पहले की तुलना में अधिक सरल और जनहितैषी बनाया है। विशेष रूप से पट्टों, भूमि नियमन और फ्री-होल्ड संबंधी मामलों में कई महत्वपूर्ण रियायतें दी गई हैं। भवन निर्माण स्वीकृति शुल्क में छूट, नामांतरण, उप-विभाजन, पुनर्गठन, भू-उपयोग परिवर्तन तथा फ्री-होल्ड जैसी प्रक्रियाओं को आसान बनाया गया है। साथ ही मौके पर निरीक्षण की अनिवार्यता समाप्त कर दी गई है तथा आपत्तियां दर्ज कराने की समय सीमा 15 दिन से घटाकर केवल 7 दिन कर दी गई है।
कॉलोनियों के नियमन में मिलेगा बड़ा लाभ
शहरी सेवा शिविरों के दौरान 31 दिसंबर 2021 तक कृषि भूमि पर विकसित कॉलोनियों को विशेष प्रावधानों के तहत नियमन का लाभ दिया जाएगा। इसके अलावा 1 जनवरी 2013 तक सरकारी भूमि पर बसी कॉलोनियों के नियमन की भी व्यवस्था की गई है। डीनोटिफाइड कच्ची बस्तियों में रहने वाले पात्र परिवारों को भी पट्टे जारी किए जाएंगे, जिससे हजारों परिवारों को कानूनी स्वामित्व का अधिकार मिल सकेगा।
सिर्फ 100 रुपये प्रति वर्गमीटर में मिलेगा पट्टा
सरकार ने छोटे भूखंड धारकों को विशेष राहत देते हुए 200 वर्गमीटर तक के भूखंडों के लिए पट्टा मात्र 100 रुपये प्रति वर्गमीटर तथा 200 से 500 वर्गमीटर तक के भूखंडों के लिए 120 रुपये प्रति वर्गमीटर की दर निर्धारित की है। पुराने बिजली-पानी के बिल तथा बिना रजिस्ट्री वाले पुराने इकरारनामों के आधार पर भी पात्र लोगों को राहत प्रदान की जाएगी।
शुल्क और प्रीमियम में 100 प्रतिशत तक की छूट
इस अभियान की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि राज्य सरकार ने कई मामलों में आर्थिक राहत देने का फैसला किया है। स्टाम्प शुल्क तथा अतिरिक्त प्रीमियम में 100 प्रतिशत तक की छूट दी जाएगी। पुरानी लीज राशि एकमुश्त जमा कराने पर ब्याज पूरी तरह माफ किया जाएगा। वहीं नामांतरण शुल्क में 50 प्रतिशत तक तथा भू-उपयोग परिवर्तन, उप-विभाजन और पुनर्गठन शुल्क में 25 से 75 प्रतिशत तक छूट का लाभ मिलेगा।
एक ही स्थान पर मिलेंगी अनेक सरकारी सेवाएं
शहरी सेवा शिविरों में जन्म, मृत्यु एवं विवाह पंजीकरण, फायर एनओसी, ट्रेड लाइसेंस, सीवर कनेक्शन, ईडब्ल्यूएस प्रमाण पत्र, भवन निर्माण स्वीकृति, नामांतरण, फ्री-होल्ड, लीज मुक्ति, भू-उपयोग परिवर्तन, उप-विभाजन और पुनर्गठन सहित अनेक सेवाओं का मौके पर निस्तारण किया जाएगा।
इसके अतिरिक्त सड़क, नाली, सीवर, स्ट्रीट लाइट, पार्कों और सार्वजनिक स्थलों के रखरखाव से जुड़ी शिकायतें भी दर्ज की जाएंगी। आवारा पशुओं की समस्या, सामाजिक सुरक्षा पेंशन, पीएम स्वनिधि योजना, मुख्यमंत्री निशुल्क बिजली योजना, कुसुम योजना तथा अन्य जनकल्याणकारी योजनाओं से संबंधित आवेदन भी शिविरों में स्वीकार किए जाएंगे।
ऑनलाइन आवेदन की सुविधा, हेल्प डेस्क भी रहेगी उपलब्ध
सरकार ने शिविरों को पूरी तरह सुविधाजनक बनाने के लिए अधिकांश सेवाओं के आवेदन ऑनलाइन स्वीकार करने की व्यवस्था की है। जहां ऑनलाइन सुविधा उपलब्ध नहीं होगी, वहां ऑफलाइन आवेदन लेकर संबंधित निकाय स्वयं उन्हें ऑनलाइन दर्ज करेंगे। प्रत्येक शिविर में हेल्प डेस्क, ई-मित्र, नोटरी, स्टाम्प वेंडर तथा डीड राइटर की व्यवस्था भी की जाएगी, ताकि नागरिकों को एक ही स्थान पर सभी आवश्यक सेवाएं मिल सकें।
आमजन को मिलेगी बड़ी राहत
सरकार का मानना है कि इस विशेष अभियान से हजारों लंबित प्रकरणों का समाधान होगा, नागरिकों को संपत्ति संबंधी दस्तावेज समय पर मिलेंगे और विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ लेने की प्रक्रिया भी सरल बनेगी। यह अभियान शहरी विकास के साथ-साथ प्रशासनिक सेवाओं को आमजन के और अधिक करीब लाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।