
बड़ी हेल्थ न्यूज़ —
✍️ वरिष्ठ पत्रकार ओमप्रकाश बोराणा
सोजत। सर्दियों के मौसम में अक्सर लोग जोड़ों के दर्द, घुटनों की कमजोरी और कमर में अकड़न जैसी परेशानियों से जूझते हैं। खासकर बुजुर्गों और महिलाओं में हड्डियों का क्षय रेट अधिक देखा जाता है। ऐसे में बाजारू दवाओं पर निर्भर रहने की बजाय प्रकृति प्रदत्त दवा हुकुमचीड़/उगमचीड़ गोंद (Gond) हड्डियों की मजबूती के लिए रामबाण मानी जाती है। आयुर्वेद में इसे प्राकृतिक कैल्शियम का उत्तम स्रोत बताया गया है। सर्दियों में इसका सेवन विशेष लाभकारी माना जाता है।
यह गोंद हड्डियों को मज़बूत करने के साथ-साथ बढ़ती उम्र में होने वाली कमजोरी, गठिया, कमर दर्द और फ्रैक्चर के बाद हड्डियों को जल्दी जोड़ने में सहायता करता है। रजोनिवृत्ति के बाद महिलाओं में हड्डियों का कमज़ोर होना आम समस्या है, ऐसे में यह सरल घरेलू नुस्खा बेहद उपयोगी साबित हो सकता है।
कैसे करें सेवन? (Method of Consumption)
यदि आप भी इस सर्दी अपनी हड्डियों को मजबूत बनाना चाहते हैं तो नीचे दी गई विधि अपनाएं—
1. सबसे पहले 8–10 ग्राम प्राकृतिक हुकुमचीड़/उगमचीड़ गोंद को छोटे टुकड़ों में कर लें।
2. एक पाव कच्चा दूध लें और उसमें एक पाव पानी मिलाएं।
3. अब गोंद को सफेद मलमल के कपड़े में बांधकर दूध-पानी में डाल दें।
4. मिश्रण को चूल्हे पर रखें और तब तक पकाएं जब तक पानी पूरी तरह खत्म होकर सिर्फ दूध शेष रह जाए।
5. पकने के बाद कपड़े को निचोड़कर गोंद का अर्क दूध में निकालें और बचे अवशेष को फेंक दें।
6. यह दूध स्वादिष्ट बनता है, सीधा पी सकते हैं या चाहें तो थोड़ा चीनी मिलाकर भी ले सकते हैं।
7. रात को सोते समय रोज इसका सेवन करना सबसे लाभकारी माना जाता है।
परहेज (Precautions/Avoidance)
गोंद सेवन के दौरान कुछ चीज़ों से दूरी रखना आवश्यक—
🚫 नींबू, दही, छाछ, टमाटर, अमचूर, इमली
🚫 ठंडी चीजें, बर्फ व फ्रिज का भोजन
✔ यदि कपड़े या बर्तन धोने हों तो ठंडे पानी की जगह गर्म पानी का प्रयोग करें।
गोंद के लाभ (Major Benefits)
💠 प्राकृतिक कैल्शियम से भरपूर, हड्डियों को मजबूती देता है
💠 गठिया, जोड़ों के दर्द और कमर दर्द में लाभकारी
💠 फ्रैक्चर के बाद हड्डियाँ जोड़ने में सहायक
💠 मेनोपॉज़ के बाद महिलाओं की कमजोर हड्डियों में भी सुधार
💠 सर्द मौसम में शरीर को ऊर्जा व गर्माहट प्रदान करता है
विशेषज्ञ मानते हैं कि बदलती जीवनशैली और कैल्शियम की कमी के कारण हड्डियां कमज़ोर होना आम है। ऐसे में यह पारंपरिक नुस्खा आधुनिक जीवन में फिर से लोकप्रिय हो रहा है। यदि आप भी बिना किसी साइड इफेक्ट के हड्डियों को मजबूत बनाना चाहते हैं तो सर्दियों में यह उपाय फायदेमंद साबित हो सकता है।
👉 यह लेख स्वास्थ्य जागरूकता हेतु है। गंभीर रोग या एलर्जी की स्थिति में चिकित्सक की सलाह अवश्य लें।



