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900 करोड़ के जल जीवन मिशन घोटाले में बड़ा एक्शन: 6 अफसरों पर ACB जांच मंजूर, अब तक 18 अधिकारी जांच के घेरे में


✍️ वरिष्ठ पत्रकार ओमप्रकाश बोराणा

जयपुर।
राजस्थान के बहुचर्चित जल जीवन मिशन के 900 करोड़ रुपए के टेंडर घोटाले में सरकार ने बड़ा कदम उठाते हुए 6 शीर्ष अधिकारियों के खिलाफ भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) जांच की मंजूरी दे दी है। भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 17-A के तहत मिली इस स्वीकृति के बाद अब घोटाले में जांच के दायरे में आने वाले अधिकारियों की संख्या बढ़कर 18 हो गई है।

✔ कौन-कौन अफसर आए जांच के घेरे में

ACB मुख्यालय को भेजी गई फाइलों में से जिन 6 अधिकारियों के नामों को मंजूरी मिली है, वे इस प्रकार हैं—

1. सुबोध अग्रवाल – तत्कालीन एसीएस, जलदाय विभाग (इस माह होने वाले हैं रिटायर)


2. गोपाल सिंह शेखावत – भाजपा विधायक देवी सिंह शेखावत के भाई, वर्तमान में हाउसिंग बोर्ड के सचिव


3. दलीप गौड़ – रिटायर्ड अधिकारी


4. केसी कुमावत


5. मुकेश गोयल


6. केडी गुप्ता



ACB ने इससे पहले 8 नामों की सूची सरकार को भेजी थी, जिनमें से 6 को हरी झंडी मिल गई है। शेष 2 नामों पर अभी विचार लंबित है।

✔ 900 करोड़ का खेल… कैसे फंसे अफसर

सूत्रों के मुताबिक जल जीवन मिशन के तहत पाइपलाइन डालने, मटेरियल खरीद, टेंडर आवंटन और भुगतान प्रक्रिया में भारी अनियमितताओं के आरोप सामने आए थे। टेंडर प्रक्रिया को मनमर्जी से बदलने, पसंदीदा कंपनियों को टेंडर दिलाने और लाखों-करोड़ों की लागत बढ़ाने की शिकायतों के बाद ACB और ED ने संयुक्त रूप से जांच शुरू की थी।

जांच में शुरुआती स्तर पर घोटाले के कई सबूत मिलने के बाद वरिष्ठ अफसरों की भूमिका पर सवाल उठे थे, जिसके बाद ACB ने 8 अधिकारियों के विरुद्ध प्राथमिक जांच की मंजूरी मांगी थी।

✔ ACB–ED की दबिशें जारी, पूर्व मंत्री को हाल ही में मिली राहत

घोटाले में पूर्व जलदाय मंत्री महेश जोशी भी जांच के घेरे में आ चुके हैं। उन्हें कुछ दिन पहले सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिली थी, जिसके बाद राजनीतिक हलकों में काफी हलचल देखने को मिली थी।
ACB और ED इस मामले में कई दस्तावेज, टेंडर फाइलें और बैंक ट्रांजैक्शन खंगाल चुके हैं। कई जगहों पर रेड और जब्ती कार्रवाई भी की गई है।

✔ सरकार की बड़ी सख्ती, सियासत में भी हलचल

ACB को 17-A की स्वीकृति मिलना इस बात का स्पष्ट संकेत है कि राज्य सरकार इस बड़े भ्रष्टाचार मामले को लेकर सख्त रुख में है।
सरकारी तंत्र के अनुसार अब इन अधिकारियों के खिलाफ सीधे गहन जांच और बयान दर्ज किए जाएंगे।

वहीं राजनीतिक गलियारों में इस मामले को लेकर फिर से हलचल तेज हो गई है, क्योंकि सूची में शामिल कई अफसरों का सीधा या परोक्ष रूप से बड़े नेताओं से संबंध रहा है।
     

आगे क्या?

अब ACB सभी 6 अधिकारियों को नोटिस भेजेगी, रिकॉर्ड जब्त होगा और पूछताछ शुरू होगी। ED भी समानांतर रूप से मनी ट्रेल की जांच कर रही है।
घोटाले में और भी नाम सामने आने की संभावना को नकारा नहीं जा रहा है।

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